75 से 90 प्रतिशत हिस्सा सीजीटीएमएसई करेगा कवर
सरकार की गारंटी से बैंकों का जोखिम भी कम होगा और वे बिना हिचकिचाहट के छोटे कारोबारियों को ऋण दे सकेंगे। इस योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण का 75 से 90 प्रतिशत हिस्सा सीजीटीएमएसई कवर करेगा, जबकि 5 से 20 प्रतिशत हिस्से की गारंटी दिल्ली सरकार देगी। इस तरह कुल मिलाकर 95 प्रतिशत तक ऋण सरकारी गारंटी में रहेगा और बैंकों का जोखिम घटकर मात्र 5 प्रतिशत रह जाएगा।
50 करोड़ के फंड से 2500 करोड़ तक का कर्ज
सरकार ने योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष फंड तैयार किया है। इस फंड के जरिए करीब 2500 करोड़ रुपये तक के ऋण वितरित किए जा सकेंगे। योजना में 50 गुना लीवरेज रखा गया है, जबकि एनपीए की सीमा 10 प्रतिशत तय की गई है, ताकि सरकारी वित्तीय जोखिम सीमित रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, रिटेल, शिक्षा, प्रशिक्षण संस्थान समेत विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमी शामिल होंगे। शुरुआत में एक लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि सीजीटीएमएसई ने स्पष्ट किया है कि पात्र उद्यमियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।
‘गेम-चेंजर’ साबित होगी योजना: उद्योग मंत्री
दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बिना गारंटी 10 करोड़ रुपये तक का ऋण देना एक गेम-चेंजर कदम है। यह योजना दिल्ली के लगभग 10 लाख एमएसएमई और 2 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए बड़ा संरचनात्मक सुधार है। इस योजना में महिला उद्यमियों और नए कारोबार शुरू करने वालों को विशेष सहयोग दिया जाएगा।