चौधरी मोड़ के पास एक मॉल के बिग बाजार में रविवार शाम करीब सवा सात बजे लिफ्ट अटक गई। 35-40 मिनट लिफ्ट में तीन मॉल कर्मचारियों समेत 8 लोग फंसे रहे। उनका दम घुटने लगा। हड़कंप मच गया।
बाद में किसी तरह कर्मचारियों ने लिफ्ट चालू कराकर उन्हें निकाला। इस संबंध में लिफ्ट में फंसी लखनऊ की हाईकोर्ट की अधिवक्ता दुर्गेश नंदनी ने सिहानी गेट कोतवाली में सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई है।
जिसमें उन्होंने मॉल मालिक और बिग बाजार प्रबंधक को आरोपी बनाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दूसरी तरफ, बिग बाजार के कर्मचारी 15 मिनट तक लिफ्ट फंसने की बात कह रहे हैं। इस संबंध में मॉल मालिक और बिग बाजार प्रबंधक चुप्पी साधे हैं।
महिला अधिवक्ता ने रिपोर्ट में लिखाया है कि वे बिग बाजार में शॉपिंग करने के लिए आई थीं। वापस लिफ्ट से उतरते वक्त उनके पति बेसमेंट में कार के पास उतर गए।
जब वह दोनों बच्चों के साथ जा रही थी तो लिफ्ट बीच में ही फंस गई। 10 मिनट तक अलार्म बजाया, मगर किसी ने नहीं सुना। दम घुटने लगा।
लिफ्ट के अंदर कोई नंबर भी नहीं था। लिफ्ट में आठ लोग थे। उन तीनों के अलावा आशुतोष, उनकी पत्नी और तीन अन्य मॉल कर्मचारी थे। जब वे काफी देर तक बेसमेंट में नहीं पहुंचे तो महिला के पति को लिफ्ट फंसने का पता चला।
उनके कहने पर किसी तरह करीब 35-40 मिनट बाद उन्हें लिफ्ट से निकाला जा सका। उनका ये भी आरोप है कि पुरानी लिफ्ट की जिम्मेदारी महज एक एक इलेक्ट्रीशियन पर है।
बिजली जाने की वजह से रुकी लिफ्ट : कर्मचारी
बिग बाजार के कर्मचारियों के मुताबिक, अचानक बिजली चली जाने के कारण लिफ्ट रुक गई थी। कर्मचारियाें ने तुरंत तकनीकी खराबी को दूर किया और लिफ्ट को शुरू किया।
लिफ्ट 15 मिनट तक फंसी रही। लिफ्ट में छह लोग थे। वे खरीदारी करके लिफ्ट से नीचे जा रहे थे। अचानक बिजली जाने के बाद लिफ्ट बीच में ही रुक गई।
लिफ्ट रुकने के पांच मिनट बाद अलार्म बजा तो कई कर्मचारी लिफ्ट की ओर गए। कर्मचारियों ने टॉप फ्लोर से लिफ्ट की बिजली शुरू कराई।