योगेश पर अपने प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट बिग बुल आशियाना में निवेश का झांसा देकर 31 निवेशकों से करीब 2.31 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी में बिग बुल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि के निदेशक योगेश शर्मा को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। योगेश पर अपने प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट बिग बुल आशियाना में निवेश का झांसा देकर 31 निवेशकों से करीब 2.31 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने बताया कि जून, 2018 में 31 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिग बुल इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. के चंदवाजी जयपुर स्थित परियोजना में उनसे करोड़ों रुपये लेने के बाद आरोपियों ने कार्यालय बंद कर दिया।
निवेशकों को न तो प्लॉट दिया गया और न ही कोई निर्माण कार्य ही किया गया। आवासीय परियोजना के लिए खरीदी गई जमीन भी किसी अन्य को बेच दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 24 सितंबर को नोएडा सेक्टर 120 स्थित घर से योगेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि योगेश ने एमबीए किया है। उसके खिलाफ जयपुर, नोएडा सेक्टर 20 और आर्थिक अपराध शाखा में धोखाधड़ी और राजौरी गार्डन में दहेज प्रताड़ना के मामले दर्ज हैं।
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किसी और को बेच दी 18 बीघा जमीन
कंपनी ने जयपुर में प्लॉट देने का वादा कर पीड़ितों से निवेश करवाया। इनके पैसे से चंदवाजी में 18 बीघा जमीन खरीद किसी अन्य को बेच दी। निदेशक योगेश शर्मा ने गुमराह करने के लिए जमीन पर परियोजना के कई बोर्ड लगा रखे थे। बुकिंग से पूर्व जमीन को आवासीय उपयोग में बदलने की अनुमति भी नहीं ली। आरोपी योगेश ने निवेशकों की रकम से कहीं और जमीन खरीद ली।