रविवार सुबह फजर की नमाज के लिए जब मौलाना मस्जिद में नहीं पहुंचे, तो लोग उनके कमरे पर पहुंचे। कमरे में कोई नहीं था और वहां संघर्ष के निशान दिखाई दे रहे थे। चूंकि मौलाना कश्मीर से हैं, ऐसे में उनके साथ अनिष्ट की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सुबह के समय मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने के सामने एकत्र हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। लोगों ने मौलाना को बरामद करने की मांग की। ग्राम प्रधान आयशा चौधरी और उनके पति शाहिद चौधरी ने थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर बौद्ध से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
लोगों की बढ़ती भीड़ को देख भोजपुर और निवाड़ी थाने की पुलिस भी बुला ली गई। हंगामा बढ़ता देखकर सीओ केपी मिश्रा और एसपी ग्रामीण अरविंद कुमार मौर्या भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने शाहिद चौधरी की शिकायत पर मौलाना के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।