बकाया गन्ना भुगतान की मांग पर भाकियू ने बृहस्पतिवार को मोदीनगर व मुरादनगर में चार स्थानों पर एनएच-58 जाम किया। काजमपुर में जाम खुलवाने के लिए भाकियू व पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
भाकियू ने 25 अगस्त तक बीते वर्ष के ब्याज का साढ़े चार करोड़ रुपये भुगतान न होने पर 26 अगस्त को तहसील को पशुशाला में तब्दील करने की चेतावनी दी है।
गर्मी व उमस के चलते जाम में फंसे लोगों की फजीहत हुई। तोड़फोड़ की आशंका के कारण गाजियाबाद डिपो से रोडवेज बसें भी नहीं चलीं।
पूर्व घोषणा के तहत भाकियू नेता नैपाल सिंह, पूर्व गन्ना समिति के चेयरमैन महेश त्यागी व आप नेता बलराम चौधरी के नेतृत्व में दोपहर 11 बजे काजमपुर गेट के सामने हाईवे पर किसानों ने आड़े-तिरछे ट्रैक्ट्रर-ट्रॉली खड़ी कर जाम लगा दिया।
मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन उदय सिंह, एसपी देहात जगदीश शर्मा व एसडीएम सदर गाजियाबाद नितिन मदान ने जाम लगाने से रोकने की कोशिश नहीं की। उधर, भाकियू नेता हरेंद्र नेहरा के नेतृत्व में किसानों ने भोजपुर में हापुड़ मार्ग पर भी चक्का जाम कर दिया।
यहां जाम खत्म होने के बाद अमन सिंह व श्यामवीर सिंह के नेतृत्व में दोपहर करीब 12.30 बजे मोदी शुगर मिल के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। यहां एक बजे से पहले जाम खुलवाने को लेकर पुलिस व किसानों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।
करीब साढ़े बारह बजे मुरादनगर में गंगनहर पर जाम समाप्त होने पर वहां जाम में फंसे वाहन काजमपुर पहुंचकर दोबारा जाम में फंस गए। करीब एक बजे किसान नेता सतपाल सिंह तेवतिया ने एसडीएम सदर नितिन मदान को एक ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर नैपाल सिंह ने कहा कि मोदी शुगर मिल ने गत वर्ष के ब्याज का साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान 25 अगस्त तक नही किया गया तो क्षेत्र के किसान 26 अगस्त को अपने पशु तहसील में बांध आएंगे।
इस मौके पर सतपाल सिंह, मंागेराम, महेश त्यागी, दिलवर सिंह, सुनील दौसा, राजकुमार भामरिक, पूजा, प्रीति आदि थे। दोपहर के 1.30 बजे मोदी शुगर मिल पर लगाया जाम भी खत्म हो गया।