उमेश और हरिशंकर हर बच्चे से ट्यूशन के महीनेभर में केवल 300 रुपये लेते थे। यही वजह है कि उनके सेंटर में 250 से 300 छात्र थे। कई परिवारों के तो दो-दो, तीन-तीन बच्चे इनके सेंटर में पढ़ते थे। हादसे में जान गंवाने वाली कीर्ति और कृष्णा के एक-एक भाई व बहन भी कोचिंग में थे। कृष्णा का भाई नितिन (12) व बहन उमा (6) घायल भी हुए थे। कीर्ति का भाई यश त्यागी व बहन आंचल बाल-बाल बचे।
दूसरी ओर, हादसे में घायल सभी बच्चों व शिक्षिका को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पुलिस ने रविवार को लापरवाही से मौत के मामले में कोचिंग सेंटर के मालिक हरिशंकर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां तबीयत देखकर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
जान गंवाने वाले 9 वर्षीय कृष्णा के पिता रमेश ने बताया कि उमेश व हरिशंकर कई साल से सुभाष विहार इलाके में कोचिंग सेंटर चलाते थे। दोनों का पूरा परिवार कोचिंग सेंटर चलाने में मदद करता था। दोनों भाई महज 300 रुपये हर छात्र से लेते थे। इसलिए सरकारी स्कूलों के बच्चे बड़ी संख्या में इनके यहां आते थे।
हादसे के समय तीन बहनें बुशरा (11), सिदरा (9) और यासमीन (6) भी दूसरी मंजिल पर थीं। यासमीन को मामूली चोट लगी, जबकि बुशरा और सिदरा के पैर में फ्रेक्चर हो गया।
इसी तरह कीर्ति की मौत हुई तो पहली मंजिल पर ट्यूशन पढ़ रहे उसके भाई यश त्यागी और बहन आंचल त्यागी बाल-बाल बच गए। हादसे में घायल आरती उर्फ शालू, सौरभ, स्वाति, हर्ष और सुजाता की हालत में सुधार है। सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।