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भैया दूज : शाम को 5.10 से 6.46 बजे का मुहूर्त सबसे खास

Sat, 25 Oct 2014 12:56 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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शुक्ल पक्ष कार्तिक मास की द्वितीय तिथि यानी भैया दूज पर्व को यम द्वितीया भी कहते हैं। इस दिन सभी बहनें अपने भाई की दीर्घायु और आरोग्य की कामना कर उन्हें टीका लगाती हैं।
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शनिवार को सुबह 9.00 बजे से 10.30 बजे तक राहु को छोड़कर पूरा दिन भाई को टीका लगाने के लिए शुभ है।

पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि भैया दूज पर टीका लगाने का सबसे उत्तम मुहूर्त शाम 5.10 बजे से 6.46 बजे तक का है, क्योंकि इस समय मेष लग्न रहेगा, जिसके मालिक मंगल ग्रह हैं।

मंगल भाई-बहन रिश्ते का कारक ग्रह है। इसलिए इस मुहूर्त में बहनें भाई को टीका लगाएं तो शुभ होता है। दूधेश्वरनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी ने बताया कि सुबह 7.30 बजे से 9 बजे तक का मुहूर्त भी शुभ है।
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10.31 बजे से दोपहर 12.34 बजे तक मीन लग्न रहेगा। वैसे राहु काल को छोड़कर बहनें किसी भी समय भाई को टीका लगा सकती हैं। इस दिन भाई अपने बहन के घर जाकर उनके घर का खाना खाए तो शुभ होता है।

भैया-दूज की महत्ता
भैया-दूज मनाने के पीछे की मान्यता है कि इस दिन बहन यमी ने अपने भाई यम को अपने घर भोजन का निमंत्रण दिया था। तब बहन यमी ने अपने भाई का सत्कार व तिलक करके स्वादिष्ट भोजन कराकर संतुष्ट व प्रसन्न किया।

यम ने प्रसन्न होकर अपनी बहन को से कुछ मांगने को कहा, तो यमी ने भाई यम से वर मांगा कि आज के दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर भोजन करेगा उसे पूर्ण आयु का वरदान प्राप्त होगा। जो बहन भोजन के उपरांत अपने भाई को पान खिलाएगी, वह बहन अखंड सौभाग्यवती होगी।

यह भी मान्यता है कि यम द्वितीया पर अगर भाई और बहन हाथ पकड़ कर यमुना में स्नान करें तो बहुत से रोगों व संतापों को हर कर यम की बहन यमुना दीर्घ जीवन का आशीर्वाद देती हैं।
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