केस एक: टीवी सीरियल निर्माता तब्बसुम कुरैशी परिवार के साथ चांदनी महल में रहती हैं। बीमार भतीजे के लिए उन्होंने गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च किया। यहां से मिले नंबर पर कॉल करने पर आरोपियों ने खुद को क्लीनिक से बताकर पीड़ित को एक लिंक भेजा और गरीब बच्चों के लिए पांच रुपये दान करने के लिए कहा। पांच रुपये भेजते ही पीड़िता का मोबाइल हैक कर लिया गया और खाते से 62 हजार रुपये निकाल लिए गए।
केस दो: डॉ. विनय सिंह मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं। उन्हें दुबई के लिए वीजा लगवाना था। उन्होंने भी गूगल की मदद ली। वहां से नामी कंपनी के नंबर पर आरोपियों ने बातचीत की। इसके बाद 1750 यूएस डॉलर की मांग की। पीड़ित ने 50 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिया। मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
. कुछ भी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट से ही जानकारी लेने का प्रयास करें।
. किसी भी ऑफिशियल वेबसाइट को गूगल पर ही दो-तीन जगह से क्रॉस चेक करें, इसके बाद ही मदद लें।
. गूगल पर दिए मोबाइल नंबर पर बातचीत के दौरान आपको अहसास हो जाएगा कि दूसरी ओर से बोल रहा व्यक्ति असली है या कोई जालसाझ।
. गूगल से मिले नंबर पर यदि दूसरी ओर से कोई किसी लिंक पर क्लिक करने या पांच या दस रुपये डालने के लिए कहता है तो ऐसा कतई न करें।
. ऐसा करने पर मोबाइल हैक कर खाता खाली हो सकता है। जांच के बाद ही खाते में रकम भेजें।
. गूगल पर सर्च करने के दौरान आप किसी लिंक के चक्कर में फंसकर ठगी का शिकार हो गए हैं तो सबसे पहले मोबाइल का इंटरनेट बंद कर दें। ऐसा करने से आरोपी मोबाइल को रिमोट पर नहीं ले पाएंगे।
. इसके बाद बैंक से संपर्क कर तुरंत खाते को बंद करने के लिए कहें।
. साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर-1930 पर इसकी सूचना दें।
. इसके अलावा रिपोर्ट को www.cybercrime.gov.in पर रजिस्टर करें।