मर्सडीज से कुचलकर हुई सिद्धार्थ की मौत के बाद उसके बेजुबान दोस्त लेब्राडोर नस्ल के कुत्ते बेनसन ने भी खाना पीना छोड़ दिया है। घर में होने वाली हर आहट में वह सिद्धार्थ को तलाश रहा है।
उसे खाना खिलाने के लिए परिवार वालों को सिद्धार्थ के नाम का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि वह शब्दों को समझ नहीं पाता है, लेकिन सिद्धार्थ का नाम सुनते ही उसकी आंखों में चमक आ जाती है। बेनसन तीन माह की उम्र से ही सिद्धार्थ के साथ दोस्तों की तरह रह रहा था।
बेनसन को सिद्धार्थ की बड़ी बहन शिल्पी ने गोद लिया था। शिल्पी के मुताबिक, जब वह लंदन गई थी तो बेनसन सिद्धार्थ के पास ही था। उनके बीच दोस्ती हो गई। दोनों घर में काफी मस्ती करते थे।