बीजेपी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के एक दिन बाद ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का रोष सामने आ गया। बीजेपी के कार्यकर्ता इसलिए ज्यादा नाराज हैं कि पुराने नेताओं के होते हुए भी हाल ही में पार्टी में शामिल हुई किरण बेदी को क्यों सीएम पद का उम्मीदवार बनाया गया और क्यों पुराने लोगों को टिकट नहीं मिला।
सूत्रों के हवाले से यह बड़ा खुलासा हुआ है कि जिन सतीश उपाध्याय के समर्थकों ने उन्हें टिकट ना मिलने पर पार्टी कार्यालय में हंगामा कर दिया था, उनका नाम सोमवार की रात तक उम्मीदवारों की लिस्ट में था, जिसे अंतिम समय में हटाया गया।
कहा तो यह भी जा रहा है कि सतीश को नामांकन भरने की तैयारी करने को भी कह दिया गया था। लेकिन दोनों ही लिस्टों में उनके नाम की घोषणा नहीं हुई।
शाह ने भी पूछी थी उपाध्याय की इच्छा
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता जो संसदीय समिति के सदस्य भी हैं ने सतीश से पूछा था कि क्या उनके नामांकन के पेपर्स ठीठ-ठाक हैं कि नहीं। लेकिन जब उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई तो उसमें उपाध्याय का नाम कहीं नहीं था।
एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जब कैबिनेट मंत्री जेपी नड्डा ने ये घोषणा की कि सतीश उपाध्याय चुनाव नहीं लड़ेंगे तो उपाध्याय को काफी मायूस नजर आए। सूत्र तो ये तक कहते हैं कि अमित शाह ने खुद उपाध्याय से चुनाव लड़ने को लेकर उनकी इच्छा भी पूछी थी, जिसका उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया था।
सतीश उपाध्याय को टिकट न देने को लेकर पार्टी को इसलिए भी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है क्योंकि उपाध्याय को अंतिम समय तक उनकी उम्मीदवारी को लेकर अंधेरे में रखा गया था।
विरोध को दबाने के लिए की उपाध्याय की तारीफ
एक सूत्र का दावा है कि उपाध्याय ने अथक परिश्रम किया है। जब उपाध्याय ने टिकट ना मिलने पर पूछा कि उनसे क्या गलत हो गया तो शाह ने बताया कि कोई गलती नहीं हुई है बस उन्हें दिल्ली को नेतृत्व देना है।
उपाध्याय को टिकट न मिलने पर हुए प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली इंचार्ज प्रभात झा ने उपाध्याय की काफी तारीफ की। कहा कि उपाध्याय काफी समर्पित कार्यकर्ता हैं और उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए ईमानदारी की एक मिसाल पेश की है। हमें खुशी है कि उपाध्याय ने कहा कि वो सभी 70 सीटों से चुनाव लड़ेंगे।
कहा जा रहा है कि पहले तो उपाध्याय के समर्थकों ने उन्हें पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने को कहा था। लेकिन बाद में उपाध्याय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी दी है। जिसमें उन्हें सभी सीटों से लड़ना है। उन्होंने कहा हमें बीजेपी को जिताना है। उन्होंने ये भी कहा कि जो उनके इस फैसले में उनके साथ नहीं है वो ऑफिस छोड़ के जा सकता है।