नगर निगम कर्मचारियों की करतूत का संज्ञान लेते हुए निगमायुक्त ने कमेटी बना कर जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञात हो कि ‘अमर उजाला’ ने 23 और 24 मई के अंक में निगम की गाड़ियों से कर्मचारियों द्वारा की जा रही डीजल चोरी का खुलासा किया था, जिसमें यह बताया गया था कि कर्मचारी निगम की गाड़ियों को कहां ले जाते हैं और कैसे डीजल की चोरी करते हैं।
निगम का कमरा समेत अन्य कई जगहों पर तेल चोरी किया जाता है। इस गोरख धंधे में स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि निगम कर्मचारी तेल चोरी कर उसे 35 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचते हैं। जबकि डीजल सप्लायर चोरी के तेल को 45 रुपये की दर से ट्रांसपोर्टरों को बेचता है।
निगमायुक्त अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि उन्हें डीजल चोरी की खबर मीडिया के जरिये मिल चुकी है। जल्द ही अधिकारियों की एक कमेटी गठित कर इसकी जांच कराई जाएगी।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अमर उजाला से फोटोग्राफ भी मांगे हैं, जिसके जरिए गोरख धंधे का खुलासा हुआ है।