नगर निगम के लाख प्रयासों के बावजूद शहर में पानी के अवैध कनेक्शनों का खेल जारी है। अवैध कनेक्शनों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है। निगम वैध कनेक्शन के लिए शिविर तो लगाता है, लेकिन लाखों की आबादी के बाद भी कुछ हजार ही कनेक्शन वैध हैं।
वार्ड 11 की आबादी करीब 2 लाख है। लेकिन यहां पानी के वैध कनेक्शन सिर्फ चार हजार ही हैं। ऐसा संभव है कि दो लाख की आबादी में सिर्फ चार हजार कनेक्शन के सहारे पानी की सप्लाई हो रही है। वार्ड 11 में कई स्थान ऐसे हैं, जहां लोगों ने पानी की लाइन काटकर अपने अवैघ कनेक्शन कर रखे हैं।
निगम को इसकी जानकारी है, सिर्फ नोटिस देने तक ही कार्रवाई सीमित है। निगम ने अभी तक एक भी कनेक्शन नहीं काटा गया है नगर निगम के पार्षद समय समय पर कैंप लगवाते हैं जहां वैध कनेक्शन का खर्च महज 2500 रुपये आता है, जबकि नगर निगम में सीधे अप्लाई करने पर करीब साढ़े चार हजार रुपये खर्च करने होते हैं। इसके बाद भी कैंप में कनेक्शन के लिए अप्लाई नहीं कियाजाता।