दिल्ली में विकास की रफ्तार राष्ट्रपति शासन में धीमी रही, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद भी रफ्तार नहीं बढ़ी है। पार्टी के अंदर की लड़ाई में विकास योजनाएं पिछड़ गईं।
आपसी रार के कारण कामकाज में तेजी नहीं आ रही है। कैबिनेट की बैठकें फटाफट हो रही हैं न ही पांच हजार करोड़ के राजस्व घाटे को पूरा करने का कोई बड़ा रोड मैप सामने आया है।
आप के अपने ही रायता फैला रहे हैं तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री गोपाल राय उसे समेटने में शक्ति लगा रहे हैं।