एक बड़े अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थो डॉक्टर ने बताया कि घुटना और कूल्हे के प्रत्यारोपण में सबसे ज्यादा गोलमाल हो रहा है। रोक के बाद कुछ हद तक कमी जरूरी आई है, फिर भी दिल्ली के 90 फीसदी सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को लूटने का खेल चल रहा है।
अस्पतालों में घूमते हैं कंपनियों के दलाल
ऐसी कंपनियों के दलाल खुलेआम सरकारी अस्पतालों में घूमते हैं। सफदरजंग से लेकर आरएमएल तक हर जगह ये लोग डॉक्टरों के केबिन के बाहर खड़े दिखाई दे जाते हैं। बताया जा रहा है कि कई डॉक्टर शिक्षण विभाग में दलालों को बुलाकर मिलते हैं, ताकि उन पर किसी की नजर न पड़ सके।
सब मालूम, पर नहीं हो रही कार्रवाई
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस बारे में सरकार को जानकारी है, लेकिन हर बार जांच के बाद मामला रफादफा हो जाता है। इसके पीछे मरीजों के पास सबूतों का अभाव होना बताया गया है। जो डॉक्टर घपलेबाजी करता है वह कागजों में उतनी ही सफाई से बच जाता है।