मेहनत के मुताबिक मानदेय बढ़ाने और स्थायी नौकरी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को लामबंद आशाओं ने तहसील में जमकर हंगामा किया।
अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर आशाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर तहसील के सामने जाम लगा दिया और डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दो घंटे जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हंगामा और हाईवे जाम के दौरान पुलिस भी बेबस दिखाई दी। बाद में रूट डायवर्जन करने पर जब वाहनों का आवागमन कम हुआ तो आशाएं खुद ब खुद चली गईं।
मुनी और धरपा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में तैनात आशाएं तहसील में प्रदर्शन के दौरान एसडीएम को ज्ञापन देने के लिए बुलाने की मांग करती रहीं लेकिन मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इससे गुस्साई आशाओं ने तहसील गेट पर पहुंच कर हंगामा करते हुए हाईवे जाम कर दिया। हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया।
सूचना पर पीएसी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे लेकिन महिलाओं का हंगामा देख मूकदर्शक बन गए। करीब डेढ़ घंटे बाद जब एसडीएम और सीओ मौके पर नहीं पहुंचे तो पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया। जब वाहनों के आवागमन पर रोक लगी तो आशाएं एक-एक कर खुद ही चल गईं।
प्रदर्शन करने वालों में ऊषा, बीना, मीनाक्षी, ममता, प्रेमलता, चंद्रवती, चंद्रकांता, पुष्पलता, राजबाला, वीना, कमलेश, सरिता, निर्मला, राजकुमार, मधुबाला सहित करीब 100 आशाएं मौजूद रहीं।
तहसील में हंगामा और हाईवे पर जाम लगाने के मामले में आशाओं पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। एसडीएम ने मामले में कार्रवाई से इनकार कर दिया है। वहीं पुलिस कार्रवाई के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण एसडीएम के आदेश का इंतजार कर रही है।