निर्भया गैंगरेप मामले पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण रोक लगाने की बात कही, तो बीबीसी ने तय समय से पहले ही इसे प्रसारित कर दिया।
अब भारत सरकार ने बीबीसी के इस प्रसारण को लेकर कानूनी नोटिस जारी कर दिया है। गौरतलब है कि भारत सरकार की ओर से कड़ा रुख इख्तियार करने के बावजूद बीबीसी ने निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री को बीबीसी ने चार चैनलों पर दिखाया गया।
हालांकि बीबीसी ने अभी भारत में इसका प्रसारण नहीं किया है। भारत सरकार दावा कर रही थी कि निर्भया कांड पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री, जिसमें दोषी का साक्षात्कार भी है, का विदेश में भी प्रसारण नहीं होने देंगे।
लेकिन बुधवार को भारत सरकार के कड़े रूख के बाद बीबीसी ने इसे प्रसारित करने के लिए तय समयसीमा से पहले ही प्रसारित कर दिया। इस मामले पर बीबीसी ने कहा है कि फिल्म में इस मुद्दे की अहमियत और मुद्दे की जिम्मेदारी के साथ दिखाया गया है।
पीड़िता के परिवार वालों के प्रसारण से नहीं है ऐतराज
असल में बीबीसी ने इस डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण के लिए पहले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानि आठ मार्च को प्रसारित करने का निर्णय किया था। लेकिन भारत में मुद्दे पर उठ रहे तेज विवाद को देखते हुए बीबीसी ने इसे पहले ही दिखा दिया। मसले पर बीबीसी का तर्क है कि इससे दर्शकों को जल्द से जल्द यह प्रभावशाली वृत्तचित्र देखने का अवसर मिलेगा।
साथ ही बीबीसी मुताबिक यह डॉक्यूमेंट्री पीड़िता के माता-पिता के पूरे सहयोग से बनाई गई। बीबीसी के अनुसार यह डॉक्यूमेंट्री एक जघन्य अपराध के अंदर के सच को उजागर करती है जिससे पूरी दुनिया दहल गयी थी और भारत में महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए थे।
उधर, मसले पर पीड़िता के परिजनों का भी मसले पर बयान आ गया है। उनका कहना है कि डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण से उन्हें कोई ऐतराज नहीं है, बल्कि वो इसे भारत में दिखाने के पक्ष में हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि भारत सरकार ने अगर इसपर बैन लगाया है तो जरूर इसके पीछे वाजिब तर्क होंगे। वह सरकार के फैसले का सम्मान करते हैं।
फिल्म बनाने वालों पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
भारत सरकार ने निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री को भारत के किसी भी तरह के प्रसारण पर रोक लगा रखी है। यही नहीं, दिल्ली की कोर्ट ने भी इसके प्रसारण पर रोक लगा रखी है। दिल्ली पुलिस की याचिका पर कोर्ट ने रोक लगाई है डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए शर्तों का उल्लंघन करने की वजह से गृह मंत्रालय अब फिल्ममेकर्स पर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
अभी एक दिन पहले ही इस मुद्दे पर भारतीय संसद के दोनों सदनों में बवाल के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमें भरोसा है कि यह डॉक्यूमेंट्री ब्रॉडकास्ट नहीं होगी और इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं इस डॉक्युमेंट्री बनाने वाली निर्माता-निर्देशक लेज्ली उडविन का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के लेकर मैं दुखी हूं, लेकिन दूसरी तरफ मुझे लगता है कि इसका परिणाम एक आंदोलन की तरह आएगा जो कि इतनी आसानी से नहीं होता है।