national bravery award
- फोटो : kumar sanjay
भारतीय बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने बताया कि 18 बच्चों को वीरता पुरस्कार मिला है। चार अलग-अलग कैटिगरी में भी बच्चों को पुरस्कार मिले है। इसमें भारत अवार्ड के लिए आगरा की नाजिया को चुना गया है।
नाजिया ने जुआ घरों और सट्टे के खिलाफ काम किया था। इसी तरह गीता चोपड़ा अवार्ड 14 साल की स्वर्गीय कुमार नेत्रावती एम.चव्हान को मिला है। जिन्होंने अपने जीवन की परवाह किए बगैर दो लोगों को डूबने से बचाया। मगर खुद को नहीं बचा सकी।
संजय चोपड़ा अवार्ड साढ़े 17 साल के अमृतसर के करनबीर को मिला है। जिन्होंने नहर में गिरी स्कूल बस के डूबने के बाद अपनी जान बचाने के बजाए 15 लोगों को बचाया।
इसके अलावा बापु गैधानी अवार्ड तीन लोगों को छत्तीसगढ़ की लक्ष्मी यादव, साढ़े छह साल की ममता दलाई उड़ीसा और साढ़े तेरह साल के मास्टर सेबेस्टियन विसेंट केरल को दिया गया है।
गीता सिद्धार्थ ने 51 सालों में 680 लड़कों और 283 लड़कियों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है। सभी पुरस्कारों के साथ पढ़ाई करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चे 24 को प्रधानमंत्री से पुरस्कार लेने के साथ 26 जनवरी को राजपथ पर परेड में भी शामिल होंगे।
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