कहते हैं कि सीखने व पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। इस कहावत को डीयू के ही एक प्रोफेसर एस के सिन्हा ने चरितार्थ किया है। दरअसल, उन्होंने 60 वर्ष की आयु में पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
वह वर्ष 1980 से डीयू में पढ़ा रहे हैं। लेकिन समय की व्यस्तता के कारण पीएचडी नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2012 में उन्होंने पीएचडी के लिए नामांकन कराया। खास बात यह है कि पीएचडी के लिए मिलने वाली तीन वर्ष की स्टडी लीव भी उन्होंने नहीं ली।
डा. एस के सिन्हा ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ डिग्री लेना कमाल का अनुभव रहा। वर्तमान में डा. सिन्हा शहीद भगत सिंह कॉलेज (सांध्य) में भूगोल के शिक्षक है। आयु के इस पड़ाव पर पीएचडी करने की क्यों सोची।
इस पर उन्होंने कहा कि जब वर्ष 1980 में पढ़ाना शुरू किया तो मौका नहीं मिला कि पीएचडी करें। एक बार लगा कि वह पीएचडी नहीं करेंगे क्योंकि आयुु काफी हो गई थी। लेकिन उनकी पत्नी व बेटी चाहती थी कि वह यह साहस करें।
उन्होंने कहा कि यह इसलिए भी मुश्किल था क्योंकि जब भूगोल पढ़ाना शुरू किया था तो उनकी विशेषज्ञता राजनीति भूगोल में थी। जबकि पीएचडी के लिए उन्होंने नगरीय भूगोल को चुना। उनका विषय रहा अरबन स्परॉल इन गौतम बुद्ध नगर।
उनकी पत्नी और बेटी उनका हौसला बढ़ाने के लिए हमेशा उपस्थित रहीं। उनकी बेटी एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। शोध के दौरान डाटा मैनेजमेंट करने मेें बेटी ने काफी मदद की।