जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एजेके मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर में मंगलवार को नए सत्र के तहत सातों प्रोग्राम में पढ़ाई शुरू हो गई। सत्र के पहले दिन सेंटर के दो पूर्व छात्रों फिल्म निर्माता व कंगना रनौत की क्वीन फिल्म के सह निर्देशक हार्दिक मेहता और फोटोग्राफर अंशुल महरोत्रा का सम्मान भी किया गया। पूर्व छात्रों ने सेंटर से जुड़ी यादों को नए छात्रों से सांझा करते हुए जीवन में कुछ नया करने का संदेश भी दिया।
नए सत्र का आगाज कुलपति प्रो. तलत अहमद ने दोनों पूर्व छात्रों का सम्मान से किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के पास आउट हार्दिक मेहता ने अपने हुनर से भारतीय दर्शकों के दिल में फिर से अच्छी फिल्मों की उम्मीद भर दी है।
नए छात्रों को संबोधित करते हुए हार्दिक ने कहा कि सबसे पहले बेगम फिल्म में सह निर्माता से नए जीवन की शुरुआत की और उसके बाद क्वीन से नई पहचान मिली। हालांकि कई अवार्ड मिलें हैं, लेकिन अपने विश्वविद्यालय से सम्मानित होकर जो खुशी मिली, वो बयां नहीं की जा सकती है।
वहीं, अंशुल का कहना था कि जीवन में बस शुरुआत करने की जरूरत है। छोटे-छोटे फोटो खींचने के बाद जब हंगरी में कैनन फोटो मैराथन के लिए भारत से चयन हुआ, उस खुशी को बयां करना मुश्किल है। हालांकि छोटी शुरुआत को भी जीवन का आधार ही मानना चाहिए।
सेंटर के निदेशक प्रोफेसर इफ्तिकार अहमद ने नए छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों छात्रों की सफलता से सीख लें कि सपने के साथ मेहनत ही आसमां की ऊंचाई देती है। उन्होंने सेंटर से निकले कई अन्य दिग्गजों के नाम से भी नए छात्रों को रूबरू करवाया।