इससे पहले राशिद की अंतरिम जमानत 15 अक्तूबर तक बढ़ाई गई थी। लगातार तीसरी बार उनको कोर्ट से राहत मिली है। बता दें कि उन्हें दो अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे एक अक्टूबर को 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके बाद अदालत ने जमानत की अवधि तीन दिन और बढ़ा दी थी, जिससे उनकी आत्मसमर्पण की तारीख 13 अक्तूबर के बजाय 15 अक्तूबर हो गई थी।
राशिद ने याचिका में क्या कहा था?
राशिद ने पहले पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव अभियान में भाग लेने के लिए तीन महीने की अंतरिम जमानत मांगी गई थी। सुनवाई के दौरान राशिद के वकील ने अनुरोध किया कि अगर अदालत तीन महीने की जमानत नहीं दे सकती तो कम से कम चुनाव अवधि के लिए 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दे।
क्यों तिहाड़ में बंद थे राशिद
इंजीनियर राशिद जो 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे, हाल ही में अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। उनकी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़ा था।