बैंक कर्मचारियों और अधिकारियाें की एक दिन की हड़ताल ने बैंकाें का कामकाज ठप कर दिया। जनपद में विभिन्न बैंकों की 370 शाखाएं बंद रहीं, जिसके कारण करीब 200 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन प्रभावित हुआ।
इसके साथ ही करीब 8 हजार से ज्यादा चेक क्लीयरेंस में अटक गए। अब इन चेक का क्लीयरेंस होने में दो से तीन दिन का समय लग जाएगा। बैंकों में अगली हड़ताल 3 दिसंबर को होगी। यदि सरकार फिर भी नहीं चेती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले बुधवार को देशभर में पब्लिक सेक्टर के बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर रहे।
हड़ताल में सबसे ज्यादा प्रभावित शहरी क्षेत्र रहा। हालांकि एटीएम में कैश की कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन ग्राहकों के दूसरे कामकाज नहीं हो पाए।
प्राइवेट सेक्टर के बैंक इस हड़ताल से दूर रहे। यूएफबीयू के डिस्ट्रिक्ट कन्वेनर एसबी कपूर ने बताया कि वेतन पुनर्निर्धारण की मांग को लेकर हड़ताल पूर्व निर्धारित थी।
बुधवार की सुबह 300 से ज्यादा बैंक कर्मचारी व अधिकारी नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई की शाखा में पहुंचे और प्रदर्शन किया।
इसके बाद कर्मचारी रैली निकालकर पीएनबी शाखा पर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकारी की आर्थिक नीतियाें की आलोचना की। यूनियन की कई दौर की वार्ता केंद्र सरकार से हुई पर सफलता नहीं मिली।
इधर, बैंकों की हड़ताल से ग्राहकाें को बैरंग वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शन में सुनील गोयल, आरके जैन, अशोक मारवा, राकेश थूर, बीबी शर्मा आदि उपस्थित थे।