नोट बंदी पर बनाए गए नियम बैंक प्रबंधनों के लिए अमान्य लग रहे हैं। उन्होंने खुद के नियम ही बना लिए हैं। 24 हजार की लिमिट तय होने के बाद भी वह चेक व रुपए निकालने वाले फार्म से लोगों को महज 10 हजार रुपए ही दे रहे हैं।
साथ ही दो हजार की बजाए एक हजार रुपए के नोट बदल रहे हैं। प्रबंधनों का कहना है कि हमारे पास इतने नए नोट की नगदी नहीं है। आलम यह है कि बैंकों की शाखाओं में मुख्य ब्रांच व आरबीआई से दो दिनों में नए नोट पहुंच रहे हैं।
यह हाल सेक्टर-15 स्थित यूबीआई के अलावा शहर की अन्य ब्रांच का भी है। जहां लोग चेक पर 24 हजार, 20 हजार रुपए निकालने के लिए रकम भर रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। वहीं, कुछ बैंक की शाखाएं ग्राहकों को अन्य शाखाओं में जाने की हिदायद भी दे रहे हैं।
उनका स्पष्ट कहना है कि जिस बैंक की शाखा में उनका खाता है। वहीं पैसा जमा होगा व निकलेगा। इसको लेकर बैंक के बाहर कतार में लगे लोगों में आक्रोश है। इस विषय पर बैंक प्रबंधन ने बात करने से भी मना कर दिया।
हालांकि फैसला आए 15 दिन हो चुके है। ऐसे में बैंकों के बाहर कतार में लगे लोगों की संख्या में कमी आई है। लेकिन बनाए गए नियमों के विपरीत काम होने से उनका गुस्सा फूट रहा।