तीन दिन पहले हांसी (हिसार) से स्थनांतरित होकर आए पंजाब नेशनल बैंक के मार्केटिंग ऑफिसर सुनील कुमार ने होटल के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
रविवार सुबह उनका शव कमरे में फांसी पर लटकता मिला। पुलिस को कमरे में 15 पेज का स्यूसाइड नोट मिला। सुनील ने अपनी मौत के लिए बैंक के उच्चाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
हांसी में रहने वाला सुनील (28) पांच साल पहले पीएनबी में बतौर क्लर्क भर्ती हुआ था। दो साल पहले उसे पदोन्नत कर मार्केटिंग ऑफिसर बनाया गया था।
पदोन्नति के बाद बैंक प्रबंधन ने उसे हिमाचल प्रदेश भेज दिया था। 16 जून को वह शहर आया था और नीलम-बाटा रोड स्थित होटल महालक्ष्मी में कमरा नंबर 103 में रुका था।
रविवार सुबह होटल का वेटर चाय लेकर सुनील के कमरे पर गया। काफी खटखटाने पर और आवाज देने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो वेटर ने होटल प्रबंधक को सूचना दी। पुलिस को बुलाकर उसके सामने दूसरी चाभी से ताला खोला गया। दरवाजा खोलने पर सुनील का शव बेड पर पंखे से रस्सी के सहारे लटकता मिला। बेड पर स्टूल भी गिरा हुआ पड़ा था।
पुलिस ने शव को उतरवा कर कमरे की तलाशी ली। मोबाइल फोन से नंबर लेकर परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। कमरे से पुलिस को एक डायरी मिली जिसके 15 पन्नों पर सुनील ने स्यूसाइड नोट लिखा था।
नोट में उसने पीएनबी हमीरपुर शाखा के सीनियर मैनेजर और जूनियर मैनेजर पर प्रताडना का आरोप लगाते हुए लिखा कि यह दोनों उसे नौकरी नहीं करने दे रहे थे इसलिए तंग आकर वह आत्महत्या कर रहा है।
कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर वेद प्रकाश ने बताया कि सुनील का शव बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है, उसके परिजनों का इंतजार यि जा रहा है। स्यूसाइड नोट वाली डायरी कब्जे में ले ली गई है, परिजनों की तहरीर और स्यूसाइड नोट के आधार पर मामले की तफ्तीश की जाएगी।