सुधा भारद्वाज के साथ काम करने वाली उनकी एक सहयोगी कृतिका ने बताया कि नजरबंदी के दौरान पुलिस सुधा भारद्वाज को फोन व लैपटॉप आदि का इस्तेमाल नहीं करने दे रही है। उनका संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा हुआ है। उनके घर में आ रहे सामान की भी जांच की जा रही है।
इंकलाबी मजदूर केंद्र ने किया प्रदर्शन
देश के अलग-अलग शहरों में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार शाम को इंकलाबी मजदूर केंद्र के कार्यकर्ताओं ने बीके चौक पर प्रदर्शन किया। केंद्र के शहरी सचिव संजय मौर्य ने कहा कि पुणे पुलिस द्वारा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी केंद्र सरकार के इशारे पर की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की खातिर देश में मजदूर, किसान, दलित विरोधी नीतियों को धड़ल्ले से लागू कर रही है। सरकार की इन नीतियों से असहमत लोगों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को बिना शर्त तुरंत रिहा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सतीश कुमार, वकील शिवकुमार जोशी, वीरेंद्र चौधरी, अतुल कुमार और रामफल सहित कई बुद्धिजीवी प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे।