दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को पिता के अंतिम संस्कार के लिए अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया। याचिका खारिज करते हुए पीठ ने तर्क दिया कि अंतिम संस्कार के लिए जमानत दी गई तो आरोपी बाहर कई लोगों के संपर्क में आएगा, जिससे कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की एकल पीठ ने कहा कि मामले में एक पहलू यह भी है कि याचिकाकर्ता का गांव दिल्ली से 800 किलोमीटर दूर है। ऐसे में उसे अंतरिम जमानत पर रिहा करना खतरनाक होगा, क्योंकि यह नहीं पता कि गांव जाने के दौरान वह कितने लोगों के संपर्क में आएगा।
पीठ ने कहा कि ऐसी संभावना है कि वह संक्रमित हो जाए और अंतरिम जमानत की मियाद खत्म होने के बाद जेल लौटने पर अन्य कैदियों को भी संक्रमित करे। इसलिए समय की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती। राकेश कुमार नामक आरोपी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उसके पिता की नौ अप्रैल को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले स्थित कुरवा गांव में मौत हो गई थी।