साकेत कोर्ट ने हौजखास इलाके में दो महिला डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वाले आरोपी संजीव शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने आरोपी को 24 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों के साथ कोरोना के नाम पर बुरा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। दोनों पीड़ित सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टर हैं और आरोपी फैशन डिजाइनर है, जो हौजखास इलाके में रहता है।
न्यायाधीश के समक्ष पुलिस ने दलील दी कि आरोपी ने हौजखास इलाके में दो दिन पहले सब्जी खरीद रही दो महिला डॉक्टरों के साथ यह कहते हुए बदतमीजी की कि तुम दोनों डॉक्टर हो और ऐसे हर जगह कोरोना मत फैलाओ।
डॉक्टरों ने उसे समझाने की कोशिश की कि वे कोरोना संक्रमित नहीं हैं, लेकिन आरोपी ने उनके साथ बदसलूकी करनी जारी रखी और कहीं और से सब्जी खरीदने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने दोनों महिलाओं से मारपीट की।
इसके बाद पीड़ित डॉक्टरों ने पुलिस को फोन कर मामले की सूचना दी। डॉक्टरों की शिकायत पर हौजखास थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज कर ली।
पुलिस की दलीलें सुनते हुए कोर्ट ने कहा कि कोरोना महामारी के समय में डॉक्टर ही हैं, जो कोरोना संक्रमितों का उपचार कर रहे हैं और देश को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में समाज में डॉक्टरों के साथ किसी भी तरह का बुरा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। लिहाजा आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जाती है।