- कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क में होगा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी मुख्य अतिथि
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मानसून की विदाई को सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाने के लिए दिल्ली में पहली बार बदरिया-ए-मानसून फेयरवेल फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। यह उत्सव माता चकेरी देवी फाउंडेशन और दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति और भाषा विभाग आयोजित करेंगे। इसमें दिल्ली सरकार की मैथिली-भोजपुरी अकादमी सहयोगी की भूमिका निभाएगी। यह कार्यक्रम 1 सितंबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 4 बजे से शुरू होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसमें मुख्य अतिथि होंगी और मंत्री कपिल मिश्रा विशिष्ट अतिथि रहेंगे। अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि भी इस सांस्कृतिक उत्सव में रहेंगे।
इसमें पद्मश्री मालिनी अवस्थी अपनी ठुमरी, कजरी और अन्य लोक धुनों की प्रस्तुति देंगी। समृद्धि पाठक और सान्वी पाठक मैथिली लोकगीत गाएंगी, वाद्य यंत्रों पर रिम्पा शिव तबला, वैष्णवी जोशी बांसुरी और मेघा राउत सितार की प्रस्तुति देंगी। यह प्रस्तुतियां बिहार और उत्तर प्रदेश की लोक परंपरा और संगीत की गहराई को जीवंत करेंगी। बदरिया की प्रेरणा भारतीय परंपरा में मानसून के सांस्कृतिक महत्व से ली गई है। कालिदास के मेघदूत जैसे साहित्यिक कृतियों से लेकर लोक गीतों तक मानसून हमेशा खुशी, विरह और सृजन का प्रतीक रहा है। इस फेस्टिवल के माध्यम से सावन-भादो के पारंपरिक गीत, लोक नृत्य और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां होंगी, जो शहरी दर्शकों को ग्रामीण जीवन, शिल्पकला और लोक परंपराओं से जोड़ेंगी।