ग्रेटर नोएडा से सात साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी मनीष और उसके ससुर जयनंदन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दामाद ने फाइनेंस पर बाइक खरीदी थी, जिसकी किश्त टूटने पर कंपनी ने नोटिस भेज दिया था।
इस पर उसने किश्त का इंतजाम करने के लिए अपने ससुर के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया और पकड़े जाने के डर से साढ़े तीन घंटे में ही उसकी हत्या कर दी। इसके बाद भी आरोपी परिजनों से फिरौती की मांग करते रहे।
एसपी क्राइम अशोक कुमार ने बताया कि छह सितंबर को सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव देवला निवासी सूरजदेव प्रसाद के सात साल के इकलौते बेटे सुंदर लाल का अपहरण किया गया था। अगले दिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
आरोपी परिजनों को कॉल कर फिरौती की मांग कर रहे थे। उन्होंने शुरुआत में 80 हजार रुपये की मांग की और सौदेबाजी कर तीस हजार रुपये पर आ गए।
पुलिस ने मोबाइल पर आई कॉल व इलाके में छानबीन के बाद देवला में किराये पर रहने वाले देवरिया निवासी मनीष और उसके ससुर सेठपुरा बिहार निवासी जयनंदन को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे।
सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने हत्या की बात कबूल की और नौ सितंबर को तड़के तिलपता चौराहे से दो किमी आगे जंगल से सुंदर का शव बरामद करा दिया। मनीष राजमिस्त्री है और जयनंदन गत्ता फैक्ट्री में काम करता है।
मनीष ने एक बाइक फाइनेंस पर खरीदकर अपने गांव भेज दी थी। कुछ माह से वह किश्त नहीं भर पा रहा था। ऐसे में उसने सुंदर का टॉफी-बिस्किट खिलाने के बहाने दोपहर ढाई बजे अपहरण किया और शाम लगभग छह बजे उसकी हत्या कर दी।
पांच घंटे फिरौती लेकर खड़े रहे पिता और चाचा
ईस्ट इंडिया कंपनी में मैनेजर मृतक सुंदर के चाचा सुशांत चक्रवर्ती ने बताया कि आरोपियों ने सबसे पहले सात सितंबर को दोपहर साढ़े 12 बजे कॉल कर 80 हजार रुपये फिरौती मांगी। उन्होंने 80 हजार रुपये का बंदोबस्त न होने की बात कही तो वे 30 हजार रुपये तक आ गए।
परिजन ने बच्चे से बात कराने के लिए कहा तो आरोपी इंतजार करने के लिए कहने लगे। इसके बाद आरोपियों ने देवला आने और एंक घंटे बाद कॉल करने के लिए कहा।
आरोपियों ने फिर कॉल कर कहा कि बच्चा सूरजपुर में शहीद भगत सिंह स्कूल के पास मिलेगा और रुपये देवला में देने होंगे। इसके लिए रात साढ़े 11 बजे का समय दे दिया।
परिचितों से रुपये का बंदोबस्त कर सुशांत देवला पहुंचकर इंतजार करने लगा। वहीं, बच्चे को लेने सूरजदेव स्कूल के पास पहुंच गया। यहां सूरजदेव शाम साढ़े सात बजे से रात साढ़े 11 बजे और सुशांत देवला में रात साढ़े 12 बजे तक खड़ा रहा, लेकिन आरोपी नहीं पहुंचे।