राजधानी में लगातार जहरीली हो रही हवा से बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। दशहरे के बाद से सरकारी और निजी अस्पतालों में सांस की दिक्कत और सीने में संक्रमण के रोगी नौनिहालों की संख्या में तेजी आई है। हर अस्पताल में रोजाना औसतन 2-3 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में सांस की दिक्कत लेकर आने वाले बच्चों की उम्र पांच वर्ष से कम है। डॉक्टरों की मानें तो इन बच्चों को लंबी सांस लेनी पड़ रही है। घर में रहने के बाद भी ये प्रदूषण से नहीं बच पा रहे। धर्मशिला अस्पताल के डॉ. गौरव जैन का कहना है कि इन दिनों उनके यहां सांस में तकलीफ के अलावा आंखों का जलना, लाल होना और पानी निकलना, गले में दर्द, खांसी जैसी परेशानी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी वजह प्रदूषण है।
आंखों में जलन के मरीज 70 फीसदी बढ़े
नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि उनके पास पिछले 15 दिन के अंदर आंखों की परेशानी को लेकर आने वाले मरीजों में 70 फीसदी इजाफा हुआ है। इसका सीधा संबंध प्रदूषण से है। डॉ. चौधरी एवं डॉ. सारिका जिंदल ने लोगों से अपील की है कि दिन में कम से कम चार से पांच बार ठंडे पानी से आंखें धोनी चाहिए। वाहन चलाते समय चश्मा जरूर लगाएं। चश्मे की गुणवत्ता का भी ध्यान रखें।
एम्स में दवाएं भी हो रही हैं फेल
एम्स के डॉक्टरों की मानें तो छोटे बच्चे भी अस्थमा के शिकार हो रहे हैं। एम्स की ओपीडी से लेकर आईपीडी तक में 80 फीसदी से ज्यादा मरीजों का इजाफा हुआ है। एम्स के पल्मोनरी विभाग के डॉ. करण मदान की मानें तो दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ चुका है कि मरीजों पर दवाओं का असर भी कम हो रहा है। बच्चों को ओरल की जगह इंजेक्शन के जरिए दवाएं देनी पड़ रही हैं।
मास्क पर मिल रहे ऑफर, दुकानों पर बिक्री कम
दिल्ली में इन दिनों प्रदूषण की मार से लोगों का जीना दूभर है वहीं मास्क की बिक्री भी तेजी से बढ़ने लगी है। लेकिन इस बार दिल्ली में दुकानों से ज्यादा ऑनलाइन बाजार की चमक देखने को मिल रही है। कई तरह की ई मार्केट वेबसाइट्स लोगों को महज 300 रुपये में पांच मास्क का जोड़ा दे रही हैं। जबकि आम दुकानों पर प्रति मास्क कीमत करीब 123 से 150 रुपये बताई जा रही है।
इसे लेकर मास्क विक्रेताओं का कहना है कि भले ही ई मार्केट लोगों को सस्ता मास्क उपलब्ध करा रहा हो, लेकिन दिल्ली के प्रदूषण में सस्ता मास्क किसी काम का नहीं है। उन्होंने बताया कि इस वक्त एन 95 मास्क भी कमजोर साबित हो रहा है।