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बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर से राय लेकर ही जीएम सरसों को मंजूरी दें प्रधानमंत्रीः कपिल मिश्रा

Mon, 03 Oct 2016 01:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Getty Images
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दिल्ली सरकार ने रविवार को आईएनए दिल्ली हाट में जीएम सरसों के विरोध में सरसों उत्सव मनाया। पंजाबी अकादमी की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि  मैं प्रधानमंत्री और जीएम सरसों नीति बनाने वालों से कहना चाहता हूं कि यदि हमारा विरोध राजनीतिक लगता है तो इसे मत मानें। 
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लेकिन बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर और मोहन भागवत से आधिकारिक रूप से जीएस सरसों को मंजूरी पर प्रधानमंत्री राय लें और वे जो कहें उसे मान लें।

सरसों उत्सव में स्वदेश जागरण मंच से अश्वनी महाजन, भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत, भारतीय किसान संघ से मोहिनी मोहन मिश्रा, जनता दल (यू) से केसी त्यागी ने जीएम सरसों के विरोध में अपनी-अपनी राय रखी। 

राकेश टिकैत अपने पुराने आंदोलन का जिक्र करके कहा कि फैसले बंद कमरे में ले सकते हैं लेकिन बीज कैसे बिकेंगे, वो दुकानें खुलेंगी या नहीं ये किसान तय करेंगे।
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आखिर प्रधानमंत्री को कौन कर रहा गुमराह?

कप‌िल म‌िश्रा
संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि बीटी बैंगन रोकने के लिए भी इसी तरह एकत्रित हुए थे। राजनीति से उठकर हर तरह के लोग शामिल हुए हैं। जीएम सरसों क्यों नहीं आना चाहिए, इस पर बात रखी लेकिन ऐसे लोगों को समझाना पड़ रहा है जो पहले खुद विरोध में थे।

मिश्रा ने कहा, स्वदेशी जागरण मंच से जब अश्वनी महाजन कह रहे हैं कि देश में जीएम सरसों नहीं आना चाहिए तो फिर वर्तमान सरकार के लिए कोई मजबूरी नहीं बनती। 

आखिर प्रधानमंत्री को कौन कर रहा गुमराह?
कपिल मिश्रा ने कहा, अश्वनी महाजन कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री को गुमराह किया जा रहा है, मैं भी मानता हूं। आखिर कौन लोग गुमराह कर रहे हैं, वो इतने नजदीक कैसे पहुंच गए कि अश्वनी महाजन, भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान यूनियन की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। 

इनके रहते संघर्ष की नौबत नहीं आएगी, ये समझा लेंगे। फिर भी मैं कहता हूं कुछ नहीं कर सकते तो जन सुनवाई कर लें। जितने दिन में फसल तैयार नहीं होती, उतने दिन में नीति बनाने की हड़बड़ाहट क्यों?
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