योग से शुरु कर इंस्टेंट नूडल्स तक पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव अब नए अवतार में दिखाई देंगे और इसमें उनका साथ देते दिखेंगे अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी।
असल में दिल्ली में यमुना को साफ करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार इन दोनों गुरुओं को अपने जनअभियान में शामिल करना चाहती है।
सरकार का मानना है कि इन दोनों गुरुओं की लोकप्रियता का फायदा उठाते हुए यमुना की सफाई के अतिमहत्वाकांक्षी अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि ये दोनों गुरु पहले से ही केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही नमामि गंगे और स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा हैं। इस बारे में दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा का कहना है कि पहले ही श्री श्री रविशंकर से मिल चुके हैं।
तीन साल में यमुना को साफ करने का लक्ष्य
कपिल मिश्रा का कहना है कि दिल्ली विधानसभा के वर्तमान सत्र की समाप्ति के साथ ही वह योग गुरु बाबा रामदेव से भी मुलाकात करेंग और इस अभियान में सहयोग देने के लिए बात करेंगे।
मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर इसी दिवाली पर यमुना आरती का कार्यक्रम औपचारिक तौर पर शुरु किया ताकि यमुना की सफाई और इसके किनारे पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
यमुना की सफाई को जनआंदोलन बनाने के इस अभियान में दिल्ली सरकार निजी कंपिनयों को भी शामिल करना चाहती है। सरकार उन निजी कंपनियों को इसका हिस्सा बनाना चाहती है जो तीन साल में यमुना को साफ करने का जिम्मा ले सकें।
केजरीवाल और उमा भारती में बनी सहमति
यमुना को पुनर्जीवित करने की दिल्ली सरकार की इस योजना के लिए उसे 3659 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। बता दें कि दिल्ली में पीने के पानी की 70 प्रतिशत जरूरत को यमुना के जल से ही पूरा किया जाता है।
राजनीति में दक्षिणपंथी और धर्म आधारित विचारधारा का विरोध करने वाली आम आदमी पार्टी भले ही धार्मिक गुरुओं से अपने को दूर रखती रही है, लेकिन यमुना की सफाई के लिए इनका सहयोग लेने में उसे कोई संकोच नहीं है।
मालूम हो कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री उमा भारती की कई बैठके हुई हैं जिसमें युमना की सफाई के लिए दोनों सरकारों के बीच स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) को चलाने पर भी सहमति बनी है।