नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन भाजपा के नाम से नई दिल्ली विधानसभा सीट पर एक बाबा ने पर्चा दाखिल किया है। इनके पास चल संपत्ति के नाम पर 9 रुपये कैश है। एक बैंक खाता भी हैं, लेकिन उसमें बैलेंस नहीं है। अपने हलफनामे में स्वीकार किया है कि शरद पवार से उन्होंने 99,999 रुपये का कर्जा भी ले रखा है। इनका नाम है वेंकटेश्वर महास्वामी, जो कर्नाटक के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपने किसी सगे-संबंधी का कोई जिक्र नहीं किया है।
इन्होंने तीन नामांकन दाखिल किए हैं, जिनमें से एक भाजपा के नाम पर है। दूसरा नेशलिस्ट कांग्रेस पार्टी और तीसरा हिंदुस्तान जनता पार्टी के नाम से है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से उन्होंने अपनी दावेदारी की है। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिन में उनका नाम तय हो जाएगा।
दूसरी ओर दिल्ली की मटियाला सीट से मोहिंद्र सिंह ने राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी की ओर से नामांकन दाखिल किया है। नामांकन पत्र में चुनाव चिह्न की जगह उन्होंने अपना फोटो ही चुनाव चिह्न बनाया है। मोहिंद्र सिंह का कहना है कि ऐसा शायद ही किसी चुनाव में पहले कभी हुआ हो।
वे अपने फोटो पर ही चुनाव लड़ेंगे। नामांकन पत्र में चुनाव चिह्न के तीनों विकल्प पर उन्होंने अपना फोटो ही भरा है। हालांकि एक बात ये भी है कि दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अभी ज्यादातर को चुनाव चिह्न आवंटित नहीं हुए हैं। बताया जा रहा है कि 24 जनवरी के आसपास ही चुनाव चिह्न दिए जाएंगे।
इनके अलावा एक और निर्दलीय उम्मीदवार आजाद नफे सिंह ने बुराड़ी विधानसभा से नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने अपने हलफनामे में 13 लाख रुपये से ज्यादा चल संपत्ति का दावा किया है। उनकी पत्नी के नाम पर 3 लाख 27 हजार और बाकी तीन सदस्यों को मिलाकर 40 हजार रुपये का ब्यौरा दिया है।