घामड़ौज गांव के जीवन दास स्मृति वन आश्रम से पकड़े गए यौन शोषण के आरोपी बाबा ने कबूला है कि उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म का वीडियो अपने मोबाइल फोन से बनाया था।
इसी वीडियो को प्रसारित करने का भय दिखाकर वह किशोरी को ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस को बाबा के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। उसकी कॉल डिटेल और वीडियो क्लिप खंगाली जा रही है। आश्रम को रविवार को ही सील कर दिया गया था।
आश्रम में बाबा के कारनामे के खुलासे के बाद एक दिन की पुलिस रिमांड में आरोपी बाबा विष्णु चैतन्य (45) ने कबूला कि करीब आठ महीने पहले किशोरी के साथ रेप की उसने वीडियो क्लिप बना ली थी।
बाबा के कमरे से मिली आपत्तिजनक वस्तुएं
वह पीड़िता को वीडियो क्लिप सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। खुलासे के बाद रविवार देर रात पुलिस ने बाबा के आश्रम की तलाशी ली।
आश्रम की ऊपरी मंजिल पर बाबा के कमरे की आंतरिक सज्जा और विलासिता की चीजें देखकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस को यहां से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई हैं।
पुलिस ने यहां से कई साक्ष्य जुटाने के बाद आश्रम को सील कर दिया। पुलिस को आशंका है कि बाबा ने और कई छोटी बच्चियों को अपने जाल में फंसाकर उनसे यौनाचार को अंजाम दिया है।
बाबा के नाम रजिस्टर्ड है ऑल्टो और बुलट
फिलहाल ग्रामीण बाबा के बारे में अभी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। आश्रम के सच के खुलासे के बाद संस्था के पदाधिकारी भी सकते में हैं। सोमवार को कई पदाधिकारी भोंडसी थाने पहुंचे।
उन्होंने आरोपी बाबा की जमानत याचिका के लिए बात की। सोमवार को बाबा की रिमांड पूरी होने के बाद भोंडसी थाना पुलिस ने आरोपी बाबा को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है।
आश्रम से जो ऑल्टो कार और बुलेट मोटरसाइकिल पुलिस को मिली है, दोनों आरोपी बाबा के नाम से रजिस्टर्ड हैं। बताया जाता है कि बाबा को गाड़ियों में घूमने का शौक था। वह अपनी कार और बुलेट से आसपास के गांवों में घूमता था। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है।