गांव खोह निवासी आजाद हिंद फौज (आईएनए) के सिपाही रहे स्वतंत्रता सेनानी मवासीराम का बुधवार को निधन हो गया। वह 102 वर्ष के थे। उनका पैतृक गांव खोह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मवासीराम का जन्म वर्ष 1914 में हुआ था। 1939 में अंग्रेजों की सेना में भर्ती होकर वह जापान पहुंचे। वहां पर उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर आजाद हिंद फौज में शामिल होकर अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी।
आजादी के लिए कई बार जेल गए और अंग्रेजों की यातनाएं सहन की। सन् 1945 में सेवानिवृत्त हुए। वह अपने पीछे परिवार में दो पुत्र (दोनों फौजी), चार पुत्रियां, दो पौत्र व दो परपौत्र समेत भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं।
एसडीएम सुशील सारवान उनके अंतिम संस्कार पर पहुंचे। मानेसर के तहसीलदार मीतू धनखड़, नायब तहसीलदार संकल्प कुमार ने स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी। हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने एसीपी अजीत सिंह की अगुवाई में उन्हें सलामी दी।
जिला सैनिक बोर्ड से सूबेदार बिजेंद्र सिंह ठाकरान, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी समिति सदस्यों व अध्यक्ष कपूर सिंह दलाल, कोषाध्यक्ष लेखराज राघव, विरेंद्र कुमार, रोशनलाल यादव, महेंद्र सिंह ने मवासीराम को पुष्प चक्र अर्पित किया।
उनके अंतिम संस्कार के दौरान सरपंच राजेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच विक्रम सिंह, वेदप्रकाश, रामपुरा, रिटायर्ड इंस्पेक्टर रामबीर सिंह, जिला पार्षद होशियार सिंह, पूर्व चेयरमैन सत्यप्रकाश जरावता, ठेकेदार सुरेश कुमार यादव, सतवीर सिंह सहित आसपास गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।