- आयुष्मान भारत योजना की सुविधा कागजों तक सीमित, मरीजों को भटकना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्थापित आयुष्मान मित्र काउंटर बंद पड़ा मिला, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह काउंटर योजना की जानकारी देने, पात्रता जांचने और कैशलेस इलाज की प्रक्रिया में सहायता के लिए बनाया गया था, लेकिन मौके पर इसके बंद होने से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में लगे पोस्टरों में दावा किया गया है कि आयुष्मान मित्र के माध्यम से मरीजों को हर तरह की सहायता दी जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दी। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें यह तक पता नहीं चल पा रहा कि योजना का लाभ कैसे लिया जाए और किस प्रक्रिया का पालन करना होगा। जानकारी के अभाव में उन्हें अलग-अलग काउंटरों पर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ तभी संभव है, जब जमीनी स्तर पर सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित हों। आयुष्मान मित्र काउंटर का बंद रहना योजना के उद्देश्य पर सवाल खड़े करता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। मरीजों ने मांग की है कि काउंटर को नियमित रूप से संचालित किया जाए, ताकि उन्हें योजना का लाभ आसानी से मिल सके और अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
क्या है आयुष्मान मित्र काउंटर -
मरीजों को आयुष्मान योजना की जानकारी देने के लिए।
पात्रता और दस्तावेजों की जांच में सहायता।
कैशलेस इलाज की प्रक्रिया को आसान बनाना।
अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए तैनात कर्मी।