व्हीलचेयर रैली कार्यक्रम में भाग लेते लोग
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रविवार को राजपथ पर 200 से ज्यादा व्हीलचेयर के साथ करीब डेढ़ हजार लोगों ने रीढ़ की हड्डी की चोट और उसकी रोकथाम के बारे में जागरूकता लाने का प्रयास किया। चौथे विश्व स्पाइनल कॉर्ड इंजरी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने किया। व्हीलचेयर रैली के अलावा, अन्य खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य, योग और मानव पिरामिड का प्रदर्शन हुआ।
इसमें व्हीलचेयर-बाउंड और अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया। व्हीलचेयर क्रिकेट की भारतीय टीम भी इस कार्यक्रम में पहुंची। दरअसल, भारत में हर 10 लाख लोगों में 20 से 40 लोग रीढ़ की हड्डी की चोटों से प्रभावित होते हैं। इनका कारण ज्यादातर गिरना और सड़क दुर्घटना होता है। रीढ़ की हड्डी की चोट और परिणामी पक्षाघात से प्रभावित व्यक्ति और उसके परिवार पर आर्थिक और भावनात्मक बोझ बढ़ता है।
लोगों को इन चोटों से उबरने के प्रति जागरूक करने के लिए यह कार्यक्रम हुआ। भारतीय स्पाइनल इंजरी सेंटर के निदेशक डॉ. एस छाबड़ा ने बताया कि मस्तिष्क के एक अविभाज्य विस्तार के रूप में रीढ़ की चोट व्यक्ति को अस्थायी या स्थायी रूप से पंगु बना सकती है। कई मामलों में चोट का कारण रोका जा सकता है। बहुत बार इन चोटों को बड़े पैमाने पर प्रबंधित नहीं किया जाता है।
इसलिए लोगों को इलाज के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनमें आत्मविश्वास की कमी न हो। इस कार्यक्रम में दिल्ली, चेन्नई, चंडीगढ़, भुवनेश्वर, जालंधर, हैदराबाद, मनाली, रांची, मुंबई, बंगलूरू, अमृतसर, नागपुर, कोच्चि समेत विभिन्न शहरों से लोग पहुंचे।