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पहली ही बार में डीयू प्रेसिडेंट बने अवाना ने खोला जीत का राज

Wed, 16 Sep 2015 04:43 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ से एबीवीपी के नवनियुक्त अध्यक्ष सतेंद्र अवाना आज अमर उजाला पहुंचे। जहां उन्होंने एबीवीपी की जीत और यूनिवर्सिटी में अपनी भावी रणनीति के बारे में खुलकर चर्चा की।
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2011 में एबीवीपी से जुड़ने के बाद 2015 में डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी का परचम लहराने वाले सतेंद्र अवाना ने बेबाकी से विरोधियों पर हमला बोलते हुए छात्र और दिल्ली यूनिवर्सिटी को लेकर अपने विजन और मिशन को स्पष्ट किया।

सतेंद्र अवाना ने बताया कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने और यूनिवर्सिटी में छात्रों की समस्याओं पर काम करने की रहेगी।
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अवाना ने विरोधियों की चुनाव रणनीति और प्रचार अभियान पर जमकर हमला बोला। हालांकि उनके निशाने पर एनएसयूआई से ज्यादा आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन सीवाईएसएस ही रहा।

केजरीवाल पर भी बोला हमला

अवाना के मुताबिक सीवाईएसएस ने चुनाव जीतने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए और उन पर भी मार-पीट करने का बेबुनियाद आरोप लगाया। जबकि आम आदमी पार्टी ने सीवाईएसएस के लिए धनबल का खूब प्रयोग किया।

वे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलने से नहीं चूके। केजरीवाल के प्रचार अभियान पर निशाना साधते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में सीवाईएसएस के पोस्टर पर दिल्ली के सीएम ही नजर आए।

डूसू चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कंसर्ट से लेकर तमाम कार्यक्रमों पर जनता के पैसों के बर्बादी की। जिसके चलते छात्रों ने न केवल उन्हें सिरे से खारिज किया बल्कि एबीवीपी को छात्र हित में जीत दिलाई।

'केजरीवाल ने वादे से किया किनारा'

दिल्ली के सीएम से अपनी मुलाकात जिक्र करते हुए अवाना ने बताया कि वे केजरीवाल के चुनावी वादे के मुताबिक सीएम से दिल्ली में कॉलेज खुलवाने के वादे को लेकर छात्रों के साथ जाकर मिले थे।

लेकिन जब उन्होंने मुख्यमंत्री से इस बारे में पूछा तो केजरीवाल ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पहले जमीन दिखाओ फिर कॉलेज बनेगा।

एबीवीपी से अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने वाले अवाना ने अपनी जीत का योगदान संगठन और कार्यकर्ताओं को दिया। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि उनकी जीत में हर उस शख्स और संगठन का योगदान है जो छात्र हित में है।

बातचीत के दौरान सतेंद्र अवाना ने अपने परिवार के बारे में बताया कि भले ही उनके पिताजी समाजवादी पार्टी में होने के बावजूद भी उन्हें एबीवीपी की ओर से चुनाव लड़ने और जीतने में खूब सहयोग और समर्थन मिला।
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फैंटम देखने से चूके लेकिन डीयू में किया बैंग-बैंग

सतेंद्र अवाना ने बताया ने डीयू के बारे में सोचते थे कि ये कोई ऐसे ही राजनीति और नेतागिरी की यूनिवर्सिटी है। यहां लोग पार्टियां करने और रॉक शो करने आते हैं। इतना ही नहीं उनका यहां पढ़ाई करने का भी मन नहीं था।

लेकिन इत्तेफाक से उन्हें यहां एडमिशन मिला और फिर उनका सफर शुरू हो गया। यहां आने के बाद उनकी मानसिकता यूनिवर्सिटी के बारे में बदली। अवाना खाली समय में मूवी देखना और किताबें पढ़ना पसंद करते हैं।

वे हाल ही में रिलीज हुई फिल्म फैंटम देखना चाहते थे लेकिन डूसू चुनाव में व्यस्तता के चलते मूवी नहीं देख पाए। हालांकि ऋतिक रोशन उनके पसंदीदा अभिनेता और कैटरीना कैफ पसंदीदा अभिनेत्री हैं।
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