जुलाई से चलने वाले एनसीआर आटो का संचालन अब लेट हो सकता है। कमिश्नर की तैनाती न होने के कारण जून में होने वाली आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारटी) की बैठक नहीं हो सकी है। इसके बाद ही आटो का पंजीकरण शुरू किया जाएगा।
यूपी, दिल्ली व हरियाणा सरकारों ने एनसीआर आटो चलाने का निर्णय लिया था। एनसीआर में यातायात की समस्या दूर करने के लिए यह मांग कई साल से की जा रही थी। अभी तक आटो का संचालन मात्र 16 किमी के दायरे में होता था। इसकेसाथ ही ये एक शहर से दूसरे में और एक जिले से दूसरे में नहीं जा सकते थे।
ऐसे में गाजियाबाद से नोएडा जाने के लिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इनका संचालन गाजियाबाद, गुड़गांव व फरीदाबाद तक हो सकेगा। तीनों राज्यों ने 5500-5500 आटो चलाने का निर्णय लिया है।
आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारटी) की बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा की जानी थी। कमिश्नर आरटीए के अध्यक्ष होते हैं। 31 मई 2014 को मंजीत सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद अभी तक किसी की नियुक्ति मंडलायुक्त के पद पर नहीं हुई है।
इससे जून माह में होने वाली आरटीए की बैठक नहीं हो सकी। इसके चलते एनसीआर आटो का पंजीकरण अटक गया है। इसका असर इनकेसंचालन पर भी पड़ेगा।