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पढ़िए, ऑटो गैंग की 4 खतरनाक वारदातें

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ग्रेटर नोएडा में ऑटो गैंग ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। ऑटो गैंग ने दो छात्रों से लूटपाट और एक छात्रा से छेड़छाड़ की। तीनों वारदातों को नॉलेज पार्क में अंजाम दिया गया।
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वारदात 1: गलत रूट पर ले गया छात्र को
मंगलवार रात को बरेली निवासी एमबीए का छात्र श्रवण कुमार तुगलपुर से ऑटो में बैठा। उसमें पहले से दो युवक सवार थे। छात्र को नॉलेज पार्क-3 जाना था लेकिन ऑटो शारदा यूनिवर्सिटी की ओर चल पड़ा।

छात्र ने रूट बदलने का कारण पूछा तो चालक ने कहा कि पहले से दूसरी सवारियों को उतारना है। ऑटो शारदा यूनिवर्सिटी और आईटीएस कॉलेज के बीच में पहुंचा तो पीछे बैठे दो बदमाशों ने तमंचा दिखाकर श्रवण से मोबाइल और 3500 रुपये लूट लिए। इसके बाद उन्होंने श्रवण को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। पीड़ित ने परी चौक की ओर जाकर पीसीआर को सूचना दी।
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वारदात 2: सवारी बनकर बैठे थे बदमाश
मंगलवार रात घटना उस समय हुई जब एमबीए छात्र सन्नी जगत फार्म से ऑटो में सवार हुआ। यहां भी बदमाश पहले से सवारी बनकर बैठे थे। ऑटो ईशान को जीएल बजाज होते हुए शारदा अस्पताल की तरफ सुनसान इलाके की ओर चल दिया।

पूछने पर पीड़ित को सवारी उतारने का जवाब मिला। कुछ दूर आगे चलकर पीछे बैठे बदमाशों ने छात्र को चाकू दिखाकर मल्टीमीडिया मोबाइल और करीब 10 हजार रुपये लूट लिए। फिर उसे ऑटो से धक्का दे दिया गया। पीड़ित ने कासना कोतवाली में तहरीर दे दी है।

ये वारदातें जानकर सहम जाएंगे आप!

वारदात 3: पैदल ही हॉस्टल पहुंची छात्रा
नॉलेज पार्क स्थित एक कॉलेज में बीटेक कर रही छात्रा मंगलवार शाम सहेली से मिलने बीटा-2 गई थी। रात करीब आठ बजे वह बीटा-2 सेक्टर से ऑटो लेकर नॉलेज पार्क स्थित हॉस्टल जा रही थी।

ऑटो जब नॉलेज पार्क के गलगोटिया अंडरपास की ओर चला तो छात्रा ने विरोध किया। इस पर चालक ने ऑटो खड़ा करके उसके साथ छेड़छाड़ की। छात्रा ने शोर मचाने और एक गाड़ी को आता देख ऑटो चालक भाग गया। छात्रा पैदल ही अपने हॉस्टल पहुंची। पीड़िता की ओर से कोई शिकायत पुलिस से नहीं की गई है।

वारदात 4: एक साल पहले किया था छात्रा का अपहरण
ग्रेटर नोएडा में लोगों को सुविधा देने के लिए प्राधिकरण ने शहर में ऑटो चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन अब ये पुलिस और नागरिकों के लिए नासूर बन गए हैं। आए दिन ऑटो गैंग के सदस्य लूटपाट और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की वारदात कर रहे हैं।

करीब एक साल पहले तो ऑटो गैंग के बदमाशों ने छात्रा का अपहरण तक कर लिया था, लेकिन पीड़िता के शोर मचाने पर वे उसे स्वर्ण नगरी के पास उसे छोड़कर भाग गए थे।

अपडेट नहीं किए जा रहे नए चालक

पिछले दिनों पुलिस और एक्टिव सिटीजन टीम (सामाजिक संगठन) ने चालकों का सत्यापन अभियान चलाया था। इसमें करीब 2000 ऑटो चालकों का सत्यापन किया गया। साथ ही उनके ऑटो को अलग से नंबर दिए गए थे, जिससे किसी भी ऑटो की आसानी से पहचान हो सके।

कुछ दिन बाद ही ऑटो चालक अपने पुराने ढर्रे पर आ गए। पुलिस ने उनकी जांच पड़ताल करनी ही छोड़ दी। ऑटो के चालक बदल गए लेकिन उनको अपडेट नहीं किया गया। इसी का लाभ उठाकर ऑटो गैंग के सदस्य लूटपाट और छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम देकर भाग जाते हैं।

कामकाजी युवतियों ने कम किया ऑटो का सफर
शहर की जो युवतियां ऑटो से सफर करती थी, अब उनकी संख्या ऑटो गैंग की घटनाओं को देखकर कम होने लगी है। सेक्टरों से छात्राएं और कामकाजी युवतियां अपने परिजनों के साथ बाइक या कार द्वारा ही परी चौक पर जाकर बस स्टैंड पर पहुंचने लगी हैं।

पढ़िए, इस गैंग की करतूतें

3 मार्च -  छात्र से पर्स और मोबाइल लूटा
13 मार्च - छात्रा से पर्स लूटा
20 अप्रैल - छात्रा के साथ ऑटो चालक ने की छेड़छाड़
30 अप्रैल - महिला का सामान ले भागा
8 मई - छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास
19 जून - छात्रा से एटीएम और पांच हजार रुपये लूटे
5 जुलाई - छात्र से मोबाइल और नकदी लूटी
2 सितंबर - युवक से लूटपाट

अनियमितता मिलने पर सीज होंगे ऑटो
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि अनियमितता पाए जाने पर ऑटो सीज किए जाएंगे। जिन चालकों का सत्यापन नहीं हो पाया, उनका सत्यापन कराया जाएगा। ऑटो मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह चालक बदलने पर तुरंत उनका नाम-पता आदि बताएं। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो आरटीओ कार्यालय से परमिट निरस्त कराने की अपील की जाएगी। कासना पुलिस को ऑटो गैंग की तलाश कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

ट्रैफिक पुलिस का ‘ऑपरेशन ऑटो’

ऑटोवालों के आतंक से निपटने के लिए बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने ‘ऑपरेशन ऑटो’ चलाया। महज तीन घंटे चले विशेष चेकिंग अभियान में 78 ऑटो सीज कर थाने पहुंचाए गए। कार्रवाई के दौरान ऑटोवालों की लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ।

ड्रंक एंड ड्राइव करने पर अक्सर कार और ट्रक चालकों को पकड़ा जाता है, लेकिन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कई ऐसे ऑटो चालक पकड़े जो शराब के नशे में थे। ब्रीथ एनालाइजर के जरिये इनकी जांच में भारी मात्रा में अल्कोहल का सेवन पाया गया।

ऑटोवालों के बंधक बने चौराहों की खबर ‘अमर उजाला’ ने 17 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने हरकत में आते हुए इनकी धरपकड़ शुरू की। सेक्टर-39 चौराहे पर खुद एसपी ट्रैफिक आरएन मिश्र ने मोर्चा संभाला। जबकि ट्रैफिक इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह यादव टीम के साथ चौराहों के इर्द-गिर्द तैनात रहे।

साथ ही अन्य स्थानों पर भी इन पर शिकंजा कसा गया। चेकिंग के दौरान पकड़े गए 90 फीसदी ऑटो कासना, दादरी और फेज-2 के परमिट पर दौड़ते पाए गए।
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लुंगी पहनकर थामा स्टेयरिंग

ऑटोवालों के लिए वर्दी पहनना अनिवार्य है, लेकिन शहर की सड़कों पर इक्का-दुक्का चालक ही इस नियम का पालन करता दिखेगा। बुधवार को हुई कार्रवाई के दौरान ऐसे भी चालक पकड़े गए जो लुंगी पहनकर ऑटो का स्टेयरिंग थामे हुए थे।

नंबर प्लेट का फर्जीवाड़ा
आए दिन लूटपाट की घटनाओं में ऑटोवाले संलिप्त पाए जा रहे हैं। कानून व्यवस्था का किस तरह मजाक उड़ाया जा रहा है, इसका नजारा बुधवार को दिखा। ऐसे कई ऑटो पकड़े गए, जिनकी नंबर प्लेट फर्जी थी। चेकिंग के दौरान एक नंबर प्लेट के नीचे दूसरी प्लेट मिली।

अंगूठा छाप ऑटो चालक
पढ़े लिखे लोगों के शहर में ऑटो चला रहे चालक अंगूठाछाप हैं। चेकिंग के दौरान जब ऑटो चालकों से चालान पर साइन करने के लिए कहा गया तो उन्होंने अंगूठा दिखाया। ट्रैफिक पुलिस को इंकपैड नहीं मिला तो मोटरसाइकिल के साइलेंसर से निकले काले धुएं से ही काम चलाया गया।

ऑटो से थाने फुल
ट्रैफिक पुलिस ने सबसे ज्यादा ऑटो थाना सेक्टर-39 और सेक्टर-24 के क्षेत्र में सीज किए। एक के बाद एक परिसर में ऑटो की संख्या बढ़ती देख थाना पुलिस परेशान हो गई। ट्रैफिक पुलिस से संपर्क साधकर दूसरे क्षेत्र में कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई।
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