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Delhi NCR News: 14 साल पुराने सड़क हादसे में ऑटो ड्राइवर की सजा बरकरार, 6 महीने की जेल

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- यह मामला 22 मार्च 2010 का है, जब विकासपुरी इलाके में मेट्रो पिलर नंबर 600 के पास सड़क हादसा हुआ था
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। दिल्ली में 14 साल पुराने सड़क हादसे के मामले में द्वारका कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) स्वाति गुप्ता ने ऑटो ड्राइवर सतेंद्र की अपील खारिज कर दी है और उसकी सजा को बरकरार रखा है। अब उसे 6 महीने की जेल की सजा काटनी होगी। यह मामला 22 मार्च 2010 का है, जब विकासपुरी इलाके में धौली प्याऊ मेट्रो पिलर नंबर 600 के पास एक सड़क हादसा हुआ था। उस समय सतेंद्र अपना ऑटो (टीएसआर) चला रहा था। सड़क किनारे एक ब्लू लाइन बस खड़ी थी, जिसमें यात्री उतर रहे थे। तभी सतेंद्र ने तेज रफ्तार और लापरवाही से ऑटो चलाते हुए पीछे से बस में टक्कर मार दी।

इस हादसे में ऑटो में सवार गिरीश चंदर और उनकी 6 साल की नातिन हर्षिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गिरीश चंदर का जबड़ा टूट गया था, जबकि बच्ची की टांग में फ्रैक्चर हो गया था। ट्रायल कोर्ट ने अगस्त 2023 में सतेंद्र को दोषी ठहराते हुए अप्रैल 2024 में सजा सुनाई थी। इसके तहत उसे लापरवाही से वाहन चलाने (धारा 279 आईपीसी) में 1 महीने और गंभीर चोट पहुंचाने (धारा 338 आईपीसी) में 6 महीने की सजा दी गई थी। सतेंद्र ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया।
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बस ड्राइवर और अन्य गवाहों ने भी बताया कि ऑटो तेज रफ्तार में था और पीछे से बस में टकराया। हालांकि, एक गवाह के बयान में थोड़ी भिन्नता थी, लेकिन अदालत ने कहा कि बाकी सबूत मामले को स्पष्ट करते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि सतेंद्र बुजुर्ग और बच्चों को लेकर गाड़ी चला रहा था, इसलिए उसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी।
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