राजधानी में परिवहन विभाग द्वारा ऑटो रिक्शा में किराया मीटर चलाना अनिवार्य करने के बावजूद चालकों की मनमानी बदस्तूर जारी है। दिल्ली के बॉर्डर वाले इलाके हों या दिल्ली का दिल कहे जाने वाला कनॉट प्लेस, हर जगह ऑटो वालों की मनमानी यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रही है। स्थिति ऐसी है कि मीटर चलाने के लिए कहने पर ऑटो चालक यात्रियों से बदसलूकी पर भी उतर आते हैं।
दिल्ली में ऑटो रिक्शा का किराया सरकारी किराया निर्धारण नीति के तहत शुरुआती दो किमी के लिए मीटर डाउन करने पर 25 रुपये निर्धारित है। उसके बाद 8 रुपये प्रति किमी का किराया स्लैब है। वहीं रात में कुल किराये का 25 प्रतिशत अधिक भुगतान करना तय है। इसके साथ ही दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा ऑटो चलाते वक्त किराया मीटर चालू होने की अनिवार्यता भी लागू की है, इसके बावजूद चालक बिना मीटर चलाए घूमते हैं।
ऑटो रिक्शा के आगे ऑटो की उपलब्धता दिखाने वाली तख्ती भी नहीं लगाई जाती।सरकारी नियमों के मुताबिक, अगर ऑटो पर ऑन ड्यूटी की तख्ती लगी है तो वह यात्री को ले जाने से इंकार नहीं कर सकता है। इस संबंध में दिल्ली परिवहन विशेष आयुक्त केके दहिया से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
यात्रियों से बातचीत करने पर एक यात्री श्वेता सिंह ने बताया कि वह उत्तर-पूर्वी जिले के भजनपुरा इलाके में रहती हैं और कनॉट प्लेस में उनका दफ्तर है। उन्होंने बताया कि राजीव चौक से बंगला साहिब गुरुद्वारा महज दो किमी दूर है, लेकिन ऑटो वाले 25 रुपये की बजाय 40-50 रुपये मांगते हैं। वहीं दूसरी यात्री निशा सिंह ने बताया कि मंडी हाउस से कनॉट प्लेस पहुंचने के लिए भी ऑटो चालक मीटर ऑन नहीं करते, जबकि दूर जाने की तो बात ही दूर है। उन्हें मंडी हाउस से कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर पहुंचाने के लिए 50 रुपये लिए जाते हैं, ज्यादा किराये का विरोध करने पर कई ऑटो चालकों ने बदसलूकी की।