ईमानदारी अभी जिंदा है, इसकी मिसाल एक ऑटो चालक ने कायम की। जी हां शाहदरा जिला के गीता कॉलोनी इलाके में एक बुजुर्ग ऑटो में अपने 2.85 रुपयों का बैग भूल गए। इसका पता चलते ही पीड़ित प्रदुतगा के होश उड़ गए। उन्होंने अपने दो जानकारों को इसकी खबर दी। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सब मिलकर ऑटो चालक को अभी ढूंढ ही रहे थे कि अचानक ऑटो चालक भगवान महतो पीड़ित के घर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित की अमानत उनको लौटाई तो प्रदूतगा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भगवान महतो की ईमानदारी का पता चला तो उन्होंने उनको प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि कारोबारी प्रदुतगा परिवार के साथ गीता कॉलोनी इलाके में रहते हैं। नौ अप्रैल को वह किसी काम से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन गए थे। वहां से वह ऑटो में सवार होकर गीता कालोनी स्थित अपने घर पहुंचे। जल्दबाजी के चक्कर में वह ऑटो में अपना बैग भूल गए। बैग में 2.85 लाख कैश के अलावा कई अन्य कीमती सामान मौजूद था। प्रदुतगा ने सारी जानकारी अपने जानकार बुजुर्ग सूरज प्रकाश और जोगिंदर सिंह को दी। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। पुलिस के अलावा बाकी लोग ऑटो चालक को ढूंढने लगे। इस दौरान ऑटो चालक भगवान महतो रुपयों के बैग के साथ वहां पहुंच गया। उसने बताया कि ऑटो में एक सवारी ने जब उसे बैग के बारे में बताया तो वह समझ गया कि बैग किसका है। उसे पता था कि बैग में मोटी रकम है। इसके बाद भी उसने ईमानदारी का परिचय देकर बैग को उसके मालिक तक पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों को इसकी खबर मिली तो उन्होंने भगवान को सम्मानित किया।