16 दिसंबर 2012 की उस भयानक रात को शायद ही कोई देशवासी भूला होगा। बस में सवार होने से पूर्व निर्भया ने एक ऑटो चालक से द्वारका जाने की बात की थी, लेकिन ऑटो चालक सवारी ले जाने से मनाकर वहां से चला गया था। इस घटना से ठीक विपरीत अब दिल्ली में एक ऑटो चालक, उसके बेटे व पुलिस की सूझबूझ से एक और निर्भयाकांड होने से बच गया। वहीं यौन शोषण का शिकार हुई प्रतापगढ़ निवासी 16 वर्षीय किशोरी किसी गलत हाथों में पड़ने से बच गई।
दरअसल, शनिवार सुबह करीब 11.00 बजे किशोरी ट्रेन से नई दिल्ली पहुंची। वहां पुरानी दिल्ली निवासी पद्मचंद (55) के ऑटो में सवार हुई। किशोरी दिनभर ऑटो से यहां-वहां घूमती रही। इस बीच वह कई मंदिर भी गई। शाम करीब 6.00 बजे के आसपास किशोरी कनॉट प्लेस में उतर गई। पद्म अपने घर पहुंचा, वहां उसने दिल्ली होमगार्ड में तैनात बेटे विजय को किशोरी के बारे में बताया।