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दिल्ली: ऑटो चालक की सूझबूझ से एक और निर्भया कांड होने से बचा

Mon, 17 Dec 2018 12:00 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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16 दिसंबर 2012 की उस भयानक रात को शायद ही कोई देशवासी भूला होगा। बस में सवार होने से पूर्व निर्भया ने एक ऑटो चालक से द्वारका जाने की बात की थी, लेकिन ऑटो चालक सवारी ले जाने से मनाकर वहां से चला गया था। इस घटना से ठीक विपरीत अब दिल्ली में एक ऑटो चालक, उसके बेटे व पुलिस की सूझबूझ से एक और निर्भयाकांड होने से बच गया। वहीं यौन शोषण का शिकार हुई प्रतापगढ़ निवासी 16 वर्षीय किशोरी किसी गलत हाथों में पड़ने से बच गई।

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 दरअसल, शनिवार सुबह करीब 11.00 बजे किशोरी ट्रेन से नई दिल्ली पहुंची। वहां पुरानी दिल्ली निवासी पद्मचंद (55) के ऑटो में सवार हुई। किशोरी दिनभर ऑटो से यहां-वहां घूमती रही। इस बीच वह कई मंदिर भी गई। शाम करीब 6.00 बजे के आसपास किशोरी कनॉट प्लेस में उतर गई। पद्म अपने घर पहुंचा, वहां उसने दिल्ली होमगार्ड में तैनात बेटे विजय को किशोरी के बारे में बताया।

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किशोरी को परिवार से संपर्क कराया 

अनहोनी की आशंका के चलते पिता-पुत्र ऑटो निकालकर कनॉट प्लेस पहुंचे। वहां बाराखंभा रोड पर लगी पुलिस पिकेट पर विजय ने सारी बात पुलिस स्टाफ को बताई।  पिकेट पर तैनात एसआई प्रवीन, सिपाही नेपाल और रघुबीर ने मामले की सूचना एसएचओ बाराखंभा रोड प्रह्लाद सिंह को दी। इसके बाद फौरन किशोरी की तलाश शुरू की गई। करीब 8.30 बजे किशोरी को मंडी हाउस के पास से घूमते हुए बरामद कर लिया गया। 

पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह 10वीं कक्षा की छात्रा है। पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उसका यौन शोषण किया, जिसके बाद वह डर गई। उसने घर छोड़कर दिल्ली की ट्रेन पकड़ ली। दिल्ली उतरकर वह सोचती रही कि  रात के समय वह कहां जाएगी। इधर पुलिस ने देर रात को प्रतापगढ़ में कोतवाली पुलिस के जरिये किशोरी के परिवार से संपर्क किया। परिवार दिल्ली आने के लिए रवाना हो गया था। परिवार ने थाने में किशोरी के अगवा होने का मामला भी दर्ज करा दिया था।
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