सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक रामकुमार की अगुवाई में एएसआई सुनील व अन्य के साथ पुलिस टीम ने मकान पर छापेमारी की। मकान के अंदर एक कमरे में शराब की पेटी और फ्रीज मिला। तभी कमरे से एक युवक भाग गया। पुलिस टीम ने यहां मौजूद दो युवकों को पकड़ा इनमें से एक ने खुद को मकान मालिक बताया।
इस पर एसएचओ जब मोबाइल में विडियो बनाने लगा तो युवक ने बताया कि उनके मकान में किराये पर रहने वाला युवक शराब बेच रहा था। पता चलते ही उसे मारपीट कर भगा दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ही रही थी कि तभी उसका भाई आया और मेज पर रखी शराब की पेटी नीचे गिराकर विडियो बना रहे एसएचओ के साथ मारपीट करने लगा।
इस बीच आरोपियों ने निरीक्षक के सिर पर बीयर की बोतल दे मारी। जबकि दूसरे ने एएसआई पर लाठी-डंडे और पत्थर से हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर बाहर खड़े दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ना चाहा तो उनके साथ भी दोनों भाईयों ने मारपीट की और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद निरीक्षक समेत चारों पुलिसकर्मियों को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
निरीक्षक के सिर पर चोट आई जिन्हें शुक्रवार को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वहीं, देर रात को ही डीसीपी ईस्ट सुलोचना गजराज समेत डीएलएफ सेक्टर-29, डीएलएफ फेज-1 व दो थानों की पुलिस टीमें भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस जांच में दोनों आरोपी भाईयों की पहचान पवन व अंकित के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक इनके साथ कुछ और भी लड़के थे। डीएलएफ फेज-3 थाना पुलिस की टीम ने दोनों युवकों को नामजद कर अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसीपी डीएलएफ अमन गोयल ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर पुलिस टीम ने छापेमारी की थी। आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इसमें चार पुलिसकर्मी घायल हुए। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।