एआरटीओ ने बताया कि डीलरों को एक महीने का समय और दिया गया है। इसके बाद चालकों से कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। चालान शुल्क कितना होगा, इसको लेकर शासन की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन संभवतः 300 से 500 रुपये तक हो सकता है।
सैकड़ों लोगों का धंधा होगा चौपट
गौतमबुद्धनगर में सैकड़ों लोग वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने का काम करते हैं। वहीं, वाहनों में 200 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक की नंबर प्लेट लगाई जाती थी लेकिन अब सैकड़ों लोगों का कारोबार ठप हो जाएगा। सेक्टर-16 में नंबर प्लेट लगाने का काम बड़ी संख्या में किया जाता है।
चालकों का शौक भी होगा खत्म
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में किसी प्रकार का डिजाइन बनवाया अथवा फिर नंबर के अलावा कुछ भी नहीं लिखवाया जा सकेगा। इससे नंबर प्लेट पर डिजाइनर नंबर लिखवाने के साथ स्लोगनों का शौक भी खत्म हो जाएगा। नंबर प्लेट पर सिर्फ वाहन का इंजन, चेसिस नंबर समेत लेजर युक्त कोड होगा।