अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने नीट परीक्षा रद्द होने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार नीट का पेपर लीक हुआ है और इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। आतिशी ने कहा कि प्रधानमंत्री हर साल छात्रों के साथ परीक्षा पर चर्चा करते है, लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक पर युवाओं को जवाब नहीं दे रहे हैं।
आतिशी ने कहा कि जब भी नीट का पेपर लीक होता है तो करीब 20 लाख छात्रों और उनके परिवारों के सपने टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, कई बच्चे अपने घर-परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं और माता-पिता अपनी जमा पूंजी कोचिंग पर खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से छात्रों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। आतिशी ने कहा कि वर्ष 2024 में हुए नीट पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर है, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि यही एजेंसी विपक्षी नेताओं के मामलों में तेजी दिखाती है, लेकिन लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में लापरवाही बरती गई।