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अटाली: दंगे के लिए पंचायत की सियासत भी जिम्मेदार

Tue, 14 Jul 2015 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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अटाली में 25 मई को दो समुदाय के बीच हुए झगड़े के बाद फैले सांप्रदायिक तनाव की पड़ताल के बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
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अगले सप्ताह रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक आयोग इस झगड़े में राजनीतिक लोगों की संलिप्तता भी मान रहा है। मामले को भड़काने में बाहरी लोगों का हाथ भी बताया जा रहा है।

आयोग की टीम पिछले चार दिनों से अटाली दंगा पीड़ितों से बात कर रही है। उनका दर्द समझ रही है। साथ ही पीड़ितों को दी जा रही सरकारी मदद की हकीकत जान रही है। अब तक टीम ने संबंधित आला अफसरों, पुलिस कर्मियों, दंगा पीड़ितों, गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
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जांच शुरू करने से पहले आयोग ने प्रशासनिक अधिकारियों संग बैठक कर दंगे पर सरकारी व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तलब की। साथ ही 10 जुलाई दोपहर बाद गांव का दौरा कर हालत का जायजा लिया।

टीम में आयोग के रजिस्ट्रार (कानून एवं विधि) एससी गोयल, आयोग के पुलिस उपाधीक्षक जगदीश राय व धीरज सेतिया शामिल हैं। गांव में विवादित धार्मिक स्थल से लेकर दोनों समुदायों के साथ बैठक की और झगड़े के मूल कारण को जानने की कोशिश की। रविवार सुबह व दोपहर बाद सदस्यों ने दोनों समुदायों से बातचीत की।

टीम इस विवाद के पीछे पंचायत की सियासत को भी जिम्मेदार ठहरा रही है। माना जा रहा है कि यह विवाद राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर शुरू हुआ। 25 मई की घटना में आयोग बाहरी लोगों का हाथ देख रहा है।
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जबकि एक जुलाई की घटना पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसे बढ़ने के पीछे पुलिस की अदूरदर्शिता भी हो सकती है। हालांकि, अब मामला शांत है। राज्य मानवाधिकार आयोग राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी रिपोर्ट भेजेगा।
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