मुख्यमंत्री मनोहरलाल के हस्तक्षेप के बाद भी अटाली में जारी विवाद के हालात जस के तस बने हुए हैं। अल्पसंख्यकों के लिए धार्मिक स्थल बनाने के लिए वक्फ बोर्ड को जमीन देने के लिए कोई भी तैयार नहीं है।
गांव में दोनों ही समुदाय के लोग निजी जमीन को धार्मिक स्थल के लिए बेचने को तैयार नहीं हैं। मालूम हो कि 25 मई की रात अटाली गांव में धार्मिक स्थल के निर्माण के विरोध में अल्पसंख्यकों के करीब डेढ़ दर्जन घर जला दिए गए थे।
इसके बाद से अल्पसंख्यक परिवार गांव से पलायन कर गए थे। करीब पांच माह बाद सीएम मनोहर लाल ने मध्यस्थता कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया था।