दी एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने हरियाणा सरकार से अपील किया है कि वह जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम करे।
जिससे फरवरी के आंदोलन के दौरान वाले हालात नहीं उपजें। उसने केंद्रीय एजेंसियों से भी इसी प्रकार की अपील की है। पिछली बार जैसा माहौल बना तो उद्योगों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
एसोचैम का कहना है कि उम्मीद है कि पिछले आंदोलन से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार कोई चूक नहीं करेगी। पिछले आंदोलन के हिंसक होने से जान-माल का काफी नुकसान हुआ था।
सरकार को जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए सभी प्रकार के प्रबंध करने चाहिए। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि निवेशकों का भरोसा पाने के लिए सरकार को गुडग़ांव, रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और करनाल में पूर्ण में सुरक्षा का पूरा इंतजाम करना चाहिए।
रावत ने कहा कि सभी वाटर चैनलों और रेलवे लाइनों को आंदोलन से मुक्त करने का भी प्रबंध होना चाहिए। हरियाणा ही नहीं पिछली बार दिल्ली में भी पानी की काफी दिक्कत हो गई थी। एसोचैम ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अपील किया है कि वह व्यक्तिगत रूप से आंदोलन के सभी पक्षों पर नजर रखें।