जाट आंदोलन के सुगबुगाहट के बीच रविवार को पूरे दिन हरियाणा रोडवेज की बसें निर्बाध दौड़ती नजर आई। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से डिपो में पुलिस बल मुस्तैद रहा। लेकिन इसकी जरूर नहीं पड़ी। देर शाम तक सभी बसें डिपो व अपने गतंव्य स्थान पर पहुंच गई। जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
दरसअल, फरवरी माह में हुए जाट आंदोलन के दौरान रोडवेज विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। आंदोलन के कारण 12 बसें हिसार, रोहतक, चंडीगढ़, धर्मशाला और पानीपत डिपो में लगातार कई दिन खड़ी रही। हालांकि आंदोलनकारियों ने स्थानीय डिपो की बसों में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की।
जाटों द्वारा रविवार को प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए रोडवेज ने संवेदनशील जिलों में जाने वाली बसों को पुलिस की सुरक्षा देने का फैसला लिया था। जिसके अंतर्गत डिपो की पांच बस और 10 ड्राइवरों को पुलिस के पास छोड़ा गया।
ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस बसों में भरकर मौके पर पहुंच सके। हालांकि रविवार को ऐसी नौबत नहीं आई। रोडवेज डिपो से करीब 50 बसें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाती है। आंदोलन को देखते हुए रोडवेज डिपो ने रविवार को रोहतक, जींद, सिरसा, हिसार, भिवानी व झज्जर आदि में बसें न भेजने का मन बनाया था।
लेकिन शनिवार देर शाम परिवहन विभाग के आदेश के बाद सभी रूटों पर सुचारू रूप से बसों का संचालन किया। डीआई ओमप्रकाश के मुताबिक सभी बसें सुरक्षित वापस व अपने गतंव्य स्थान पर पहुंच चुकी है।